प्रदेश में BJP की लहर, बीकानेर में कांग्रेस का ‘कल्ला किला’; 20 वोटों से सबसे दमदार जीत

सात नगर निगमों में घोषित परिणामों में छह पर भाजपा का कब्जा, बीकानेर में अनिल कल्ला ने 20 वोटों से जीतकर बचाया कांग्रेस का किला
बीकानेर, 21 सितंबर। राजस्थान के नगर निगम महापौर चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का दबदबा दिखाई दिया, लेकिन बीकानेर में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज कर प्रदेशभर का ध्यान खींचा है। कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला ने कुल 50 मत हासिल कर भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत को 20 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। शेखावत को 30 मत मिले।
प्रदेश के सात नगर निगमों में अब तक घोषित महापौर चुनाव परिणामों में भाजपा ने अजमेर, उदयपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, अलवर और पाली में जीत दर्ज की है। कांग्रेस को इन निगमों में केवल बीकानेर में सफलता मिली, लेकिन यहां जीत का अंतर सबसे अधिक चर्चा में रहा। भीलवाड़ा में भाजपा की जसवंत कंवर निर्विरोध महापौर चुनी गईं। जयपुर, जोधपुर और कोटा में महापौर चुनाव 25 सितंबर को होने हैं। राजस्थान के घोषित महापौर परिणाम
कांग्रेस के 42 पार्षद, कल्ला को मिले 50 वोट
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस के 42 पार्षद निर्वाचित हुए थे। महापौर चुनाव में अनिल कल्ला को 50 वोट मिले, यानी पार्टी के पार्षदों की संख्या से आठ मत अधिक उनके पक्ष में आए। इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस प्रत्याशी को निर्दलीय अथवा दूसरे खेमे के पार्षदों का भी समर्थन मिला।
भाजपा के 27 पार्षद निर्वाचित हुए थे, जबकि उसके प्रत्याशी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत को 30 मत मिले। उन्हें पार्टी की संख्या से तीन वोट अधिक प्राप्त हुए। हालांकि मतदान गोपनीय होने के कारण अतिरिक्त मत किन पार्षदों ने दिए, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती।
भाजपा के दावों पर कांग्रेस की रणनीति भारी
मतदान से पहले भाजपा की ओर से निर्दलीय पार्षदों के समर्थन और कांग्रेस खेमे में सेंधमारी का दावा किया जा रहा था। भाजपा नेताओं ने अपने प्रत्याशी की जीत की संभावना जताते हुए समर्थक पार्षदों की तस्वीरें भी जारी की थीं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए लगातार बैठकें और बाड़ेबंदी की रणनीति अपनाई।
परिणामों में अनिल कल्ला को 50 मत मिलने से स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस न केवल अपने पार्षदों को साथ रखने में सफल रही, बल्कि उसने अतिरिक्त समर्थन भी जुटाया। भाजपा प्रत्याशी 30 मतों तक ही पहुंच सके और कांग्रेस ने बीकानेर नगर निगम की सत्ता अपने नाम कर ली।
राजस्थान में भाजपा छह, कांग्रेस एक निगम में विजयी
अब तक सामने आए परिणामों के अनुसार भाजपा ने छह नगर निगमों में महापौर पद हासिल किया है। अजमेर में भी बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला, जहां पार्षद चुनाव में स्पष्ट बहुमत नहीं होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी ने 43 मत हासिल कर जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी को 37 वोट मिले। अजमेर महापौर चुनाव परिणाम
पाली में मुकाबला करीबी रहा और भाजपा ने चार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इसके विपरीत बीकानेर में कांग्रेस प्रत्याशी की 20 वोटों की जीत ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया। प्रदेश में भाजपा की बढ़त के बीच बीकानेर का परिणाम कांग्रेस के लिए बड़ी राजनीतिक राहत माना जा रहा है।

अनिल कल्ला के राजनीतिक सफर का बड़ा मुकाम
वार्ड संख्या 73 से पार्षद निर्वाचित हुए अनिल कल्ला करीब तीन दशक से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। वार्ड स्तरीय आयोजनों, युवा गतिविधियों और राजीव यूथ क्लब के माध्यम से उन्होंने शहर में अपना राजनीतिक आधार तैयार किया।
कोरोना काल में जरूरतमंद परिवारों को राशन और आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने जैसी गतिविधियों के बाद उनकी सार्वजनिक सक्रियता फिर बढ़ी। पार्षद चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस ने उन्हें महापौर प्रत्याशी बनाया और पार्टी का यह दांव सफल साबित हुआ।
परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों ने अनिल कल्ला को फूल-मालाओं से लादकर स्वागत किया। निर्वाचन अधिकारी की ओर से उन्हें जीत का प्रमाण-पत्र सौंपे जाने के साथ ही बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के नए बोर्ड की तस्वीर साफ हो गई।











