
बीकानेर, बीकानेर से 24 किलोमीटर दूर ऐतिहासिक व हजारों सर्व जाति-समुदाय के श्रद्धालुओं के आस्था व विश्वास के प्रमुख केन्द्र कोडमदेसर में भैरवजी का सालाना मेला तीन दिवसीय मेला बुधवार को भैरवजी की पूजा, श्रृंगार व आरती के बाद शुरू हुआ। हजारों श्रद्धालु भैरव नाथ का जयकारा लगाते, डीजे पर भैंरू नाथ रा घुघरिया जद आंगने में बाजे’’ आदि भक्ति गीतों के साथ नृत्य करते हुए हुए। मंदिर में आकर्षक रोशनी से सजावट की गई है। मेला स्थल पर अनेक प्रसाद, खान पान की वस्तुओं, खिलौनों आदि की अनेक दुकानें लग गई। जस्सूसर गेट से कोडमदेसर तक अनेक स्थानों पर सेवा शिविरों में पद यात्रियों के विश्राम,पेयजल, चाय, नाश्ता, चिकित्सा आदि की जा रही है।
श्री देदारामजी गहलोत (माली) वंशज सार्वजनिक प्रन्यास के पदाधिकारियों, व देदारामजी वंशज गहलोत पुजारी परिवार के गणमान्य सदस्य, प्रन्यास के अध्यक्ष विजय गहलोत, महामंत्री किशन गहलोत, पुजारी भगवानाराम, नत्थू, कालू, दिनेश, दूलीचंद, मिश्री बाबा,त्रिलोकचंद, रवि देव किशन, मूल चंद, धनराज,अंशुल, आशु, कार्यालय प्रभारी रामेश्वर गहलोत,, राजेश, हरी किशन गहलोत, रामलाल, मूलचंद गहलोत, पुरुषोतम व सुनील ने पूजन व श्रृंगार करवाया। भैरवजी का पूजन, विशेष श्रृंगार, भोग व महा आरती के साथ विधि विधान से मेले की शुरुआत की गई।
बीकानेर की मंजू कॉलोनी के श्रद्धालु 11 व 21 फीट के ध्वज लिए हुए जयकारा लगाते हुए, नाचते हुए कोडमदेसर की ओर पैदल प्रस्थान किया। शहर की अनेक कॉलोनियों, आस पास के गांवों से पैदल व विभिन्न वाहनों से श्रद्धालु कोडमदेसर पहुंचने लगे है। लाल रंग के ध्वज पर जय भैरू नाथ व उनके वाहन श्वान का चित्र अंकित है। मेला गुरुवार को परवान पर रहेगा। श्री देदारामजी प्रन्यास के सदस्यों के साथ सुजानदेसर व बीकानेर के पुजारी व भोपा विभिन्न व्यवस्थाओं में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शांति एवं व्यवस्था, सुगमता से दर्शन के लिए सेवाएं दे रहे है। बीकानेर के जस्सूसर गेट के बाहर, सुजानदेसर, सहित शहर के अनेक इलाकों में स्थित कोडमदेसर भैरव के मंदिरों में पूजन, श्रृंगार, विशेष सजावट व भक्ति संगीत संध्याओं का आयोजन बुधवार व गुरुवार को होगा। श्री देदारामजी वंशज गहलोत पुजारी-भोपा परिवार अपने घरों में भी भैरव नाथ का विशेष पूजन करेंगे। कोडमदेसर में नवविवाहित दम्पति व नवजात शिशुओं के जात-झडूला के भी आयोजन होंगे।














