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किशोर  स्वास्थ्य अकादमी का रमेश इंग्लिश स्कूल में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

किशोर-किशोरियां एनिमिया से बचे तथा स्वस्थ रहे-डॉ.अनुभव चौधरी व डॉ.सौरभ पुरोहित
बीकानेर, 23 सितम्बर। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की विशेष शाखा एडोलसेंट हेल्थ एकेडमी ( किशोर  स्वास्थ्य अकादमी ) की बीकानेर शाखा की ओर से बुधवार को अंत्योदय नगर की रमेश इंग्लिश स्कूल में किशोर-छात्र-छात्राओं की कार्यशाला व  संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यशाला में वरिष्ठ बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.अनुभव चौधरी व डॉ.सौरभ पुरोहित ने स्लाइड, संवाद के माध्यम से एनीमिया से बचने, स्वस्थ रहने बारे में विस्तार से जानकारी दी। दोनों चिकित्सकों ने विद्यार्थियों की स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं को दूर किया।
एडोलसेंट हेल्थ एकेडमी ( किशोर  स्वास्थ्य अकादमी ) की बीकानेर की चैयर पर्सन तथा पी.बी.एम. अस्पताल के शिशु औषध विभाग की आचार्य डॉ.सारिका स्वामी ने बताया कि कार्यशाला में शिशु औषध विभाग के सह आचार्य डॉ. अनुभव चौधरी व बाल चिकित्सा अधिकारी डॉ.सौरभ पुरोहित सेवाएं दी। उन्होंने बताया कि एडोलसेंट हेल्थ एकेडमी 1999 से निरन्तर किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य चेतना के लिए सरकारी व निजी शिक्षण संस्थाओं, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, स्वयं सेवी व सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चला रही है।
कार्यशाला में करीब 300 से अधिक किशोर-किशोरियों ने हिस्सा लिया। डॉ.अनुभव चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं व अभिभावक अपने बच्चों के एनिमिया व अन्य रोगों के प्रति जागरूक रहकर, उनकी योग्य चिकित्सक से स्वास्थ्य की जांच करवाकर तथा पौष्टिक आहार देकर स्वस्थ रख सकते है। उन्होंने किशोर बालक-बालिकाओं के लिए उतम स्वास्थ्य, शारीरिक, मानसिक विकास के लिए राजस्थान सरकार व भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं तथा एडोलसेंट हेल्थ एकेडमी, बीकानेर की गतिविधियों से अवगत करवाया।
मुख्य वक्ता बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ पुरोहित ने स्लाइड शो के माध्यम से बताया कि 10 से 19 वर्ष तक की आयु के किशोर बालक-बालिकाओं में शारीरिक, मानसिक और भावात्मक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि किशार अवस्था में शारीरिक मानसिक बदलाव के कारण सामाजिक, शैक्षिक सहित अनेक कारणों से किशोर-किशोरियों में तनाव और दबाव बढ़ता है। शिक्षा में अच्छे नम्बर लाने, साथियों में बेहतर होड, रूप, रंग, बेहतर भविष्य की चिंता, शरीर में होने वाले बदलावों से असहजता, खुद को लेकर हीन भावना व आत्म विश्वास की कमी उनके सर्वांगीण विकास में बाधक बनती है।
डॉ.पुरोहित ने बताया कि एनिमिया (खून में होमाग्लोबिन की कमी) के कारण व लक्षण तथा उपचार, किशोर अवस्था में आयरन,विटामिन, कार्बोहाड्रेड युक्त भोजन लेने, जंग फूड से बचने, समय-समय पर खून की जांच करवाने, वर्ष में दो बार पेट में पीड़े समाप्त करने की दवा लेने, एनिमिया स्मार्ट विद्यार्थी बनने, चाय-कॉफी की बजाए दूध-दही का उपयोग करने, का सुझाव दिया। इस अवसर पर स्कूल के निदेशक अमिताभ हर्ष, प्राचार्या सेणुका हर्ष, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मार्कण्डेय नगर अम्बेडकर बस्ती प्रमुख शिव सोनी ने चिकित्सकों का स्वागत, अभिनंदन किया तथा आभार जताया।

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Gordhan Soni

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