
प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार, पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया व विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीगोपाल गोयल ने दिया स्वच्छता का संदेश
बीकानेर, 2 अक्टूबर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के “स्वच्छता ही सेवा अभियान” के तहत सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल के मानसिक रोग एवं नशामुक्ति विभाग में गुरुवार को विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान विभागीय परिसर में साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
मानसिक रोग एवं नशामुक्ति विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीगोपाल गोयल के निर्देशन में आयोजित अभियान में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेन्द्र कुमार, पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया सहित नर्सिंग ऑफिसर्स एवं विभाग के विभिन्न अधिकारियों-कर्मचारियों ने विशेष सहयोग देते हुए श्रमदान किया।
प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन और कार्यस्थल की संस्कृति का हिस्सा बनाना आवश्यक है। अस्पताल जैसे संस्थानों में स्वच्छ वातावरण मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने कहा कि अस्पताल परिसर की स्वच्छता सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक कार्मिक यदि अपने कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीगोपाल गोयल ने बताया कि “स्वच्छता ही सेवा” की भावना के अनुरूप विभाग के स्टाफ ने उत्साहपूर्वक अभियान में भागीदारी की। उन्होंने कहा कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ स्वच्छ वातावरण का भी गहरा संबंध है। इस प्रकार के अभियान कर्मचारियों के साथ आमजन में भी स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करते हैं।
डॉ. हरफूल बिश्नोई ने कहा कि अस्पताल में स्वच्छता केवल साफ-सफाई तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह मरीजों की बेहतर देखभाल और स्वस्थ वातावरण से सीधे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिसर मरीजों और उनके परिजनों में सकारात्मकता का भाव पैदा करता है। प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी को अपने कार्यस्थल की स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझना चाहिए। “स्वच्छता ही सेवा” जैसे अभियान समाज में स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करते हैं।
अभियान में नर्सिंग ऑफिसर्स सहित विभागीय कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए साफ-सफाई एवं स्वच्छता कार्य में श्रमदान किया।













