
मुकेश माथुर बीकानेर मंडल का अहितकारी और संगठन के लिए घातक
बीकानेर l बीकानेर मैं एनडब्ल्यूआरईयू का तेईसवां वार्षिक अधिवेशन होने जा रहा है l यह बेहद खुशी की बात है पर जिस तरह से प्रचारित किया जा रहा है कि 17 वर्षो बाद बीकानेर मै अधिवेशन हो रहा है, यह सर्वथा भ्रामक है l दरअसल वर्त्तमान महासचिव मुकेश माथुर सिर्फ अपना बारचस्व कायम करने के लिए भूतपूर्व अध्यक्ष अनिल व्यास के बार बार मांग करने के बावज़ूद बीकानेर की बजाय जोधपुर को अधिवेशन की जिमेवारी दी बीकानेर को दरकिनार करते रहे l वही अनिल व्यास के सेवनिवर्ती के बाद बीकानेर मै अधिवेशन करवाने का निर्णय लिया l इस बाबत अनिल व्यास से बात करने पर उन्होने ने बताया कि मेरे मंडल मंत्री रहते 10 वर्षों से बीकानेर में एआईआरएफ और एनडब्ल्यूआरईयू के अधिवेशन को बीकानेर में करने की बात कही थी यह बात शिव गोपाल मिश्रा जी ने भी एक अधिवेशन में यह कहने का कार्य किया था कि एआईआरएफ का अधिवेशन बीकानेर भी मांग रहा है लेकिन पता नहीं माथुर जी को बीकानेर से क्या दुश्मनी थी उन्होंने उस अधिवेशन को जोधपुर में करवाने का फैसला जबरदस्ती मिश्रा जी से करवाने का कार्य किया इसके साथ साथ सितम्बर 2021 में NWREU के अधिवेशन के लिए तत्कालीन मंडल मंत्री ने कहा था लेकिन माथुर ने जानबूझ करके देय अधिवेशन फरवरी 2022 के तत्कालीन मंडल मंत्री के सेवा निव्रत होने के तुरंत बाद ही जयपुर में अधिवेशन करने का कार्य किया l उन्होने आगे बताया अगर ऐसा
नहीं होता तो एआइआरफ का अधिवेशन बीकानेर में होता l अब धीरे धीरे पता चल रहा है कि माथुर बीकानेर के पूर्व के मजबूत नेतृत्व से हमेशा डरता रहा है इसलिए ही माथुर ने अपने हिसाब से पहले चवन्नी को अठन्नी और अब एक आने को ₹1 बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है l उन्होने अपना दर्द जाहिर करते हुए आगे कहा कि विडंबना देखिये तेईसवें वार्षिक अधिवेशन को सफल बनाने में खुद माथुर को बार बार बीकानेर आना पड़ रहा है और अपने साथियों अरुण गुप्ता आर के सिंह को भेजना पड़ रहा है क्योंकि हमारा वर्तमान मंडल मंत्री संगठन को सही ढंग से संचालित करने मैं नाकामयाब है l और कोई भी संगठन साथियो का सहयोग लिए बिना अपने बीवी बच्चों से ही यूनियन की फरिया बनवाने का कार्य कर रहा है तथा इनको यूनियन के अधिवेशन कैसे करवाना है इस बाबत कोई ज्ञान नहीं है और मंडल मंत्री के तो हाथ पाव फूले रहते हैं l मंडल मंत्री कह रहे है मैंने माथुर को बोला था कि बीकानेर में अधिवेशन मत करवाओ लेकिन माथुर ने ज़बरदस्ती करवा कर के अपना अहंकार और ईगो शांत करना चाहता है। मंडल मंत्री पिछले मंडल मंत्री जो महामंत्री चवन्नी को अठन्नी बनाने चले थे वे भी बोलने लगे थे की मुझे हटा दो क्यों की वो भी माथुर की नीतियों के खिलफ थे अब तैनात मंडल मंत्री की तो ये हालात है की सारे कार्य माथुर स्वयं या उनके जयपुर अजमेर के चेले को आकार करवाना पड़ रहा है l इसलिए वर्तमान मंडल मंत्री भी ये बोल रहे है की मेरा पद भी किसी ओर को जल्द से जल्द दे दो, मंडल मंत्री तो मंडल अध्यक्ष तक को बोल चुके है की मेरा पद आप ले लो और मंडल अध्यक्ष जी बोल रहे है की दोनो पद मुझे ही सम्भालने पड रहे है l सही मैंने मै अगर देखा जाये तो आज संगठन बीकानेर मैं हासिये पर है l ऐसे मैं बीकानेर मैं अधिवेशन की सफलता पर प्रश्नवचक चिंन है l













