राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 का ऐलान
4.03 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान, 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में होंगे चुनाव
जयपुर/बीकानेर, 3 अक्टूबर। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान ने पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
4.03 करोड़ से अधिक मतदाता
पंचायतीराज चुनाव के लिए तैयार अंतिम अद्यतन मतदाता सूची के अनुसार कुल 4,03,07,308 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 2,08,87,351 पुरुष, 1,94,19,789 महिलाएं और 168 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। प्रदेशभर में मतदान के लिए 45,384 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
आयोग के अनुसार जिला परिषद स्तर पर सबसे अधिक मतदाता जयपुर जिला परिषद में 18,99,920 और सबसे कम जैसलमेर जिला परिषद में 4,37,088 हैं। पंचायत समिति स्तर पर सर्वाधिक मतदाता सीकर जिले की खंडेला पंचायत समिति में 2,24,942, जबकि सबसे कम जोधपुर जिले की सामराऊ पंचायत समिति में 28,599 हैं।
परिसीमन के बाद बढ़ी पंचायत संस्थाएं
प्रेस नोट के अनुसार पिछले आम चुनाव के बाद प्रदेश में जिलों की संख्या 33 से बढ़कर 41 हो गई है। वर्ष 2025-26 में पंचायतीराज संस्थाओं के परिसीमन, पुनर्गठन और नवसृजन के बाद वर्तमान में—
41 जिला परिषदों में 1,403 निर्वाचन क्षेत्र/वार्ड
457 पंचायत समितियों में 8,245 निर्वाचन क्षेत्र/वार्ड
14,403 ग्राम पंचायतों में 1,30,589 वार्ड
अस्तित्व में हैं।
आयोग ने इन सभी के लिए संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
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बीकानेर में तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
बीकानेर जिले के लिए यह चुनाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। आयोग ने बीकानेर को उन जिलों में शामिल किया है, जहां चुनाव तीन चरणों में संपन्न होंगे। बीकानेर जिले में कुल 15 पंचायत समितियां और 453 ग्राम पंचायतें हैं।
पहला चरण
पहले चरण में बीकानेर की 7 पंचायत समितियों में चुनाव होंगे—
नोखा — 40 ग्राम पंचायत
पांचू — 28
जसरासर — 24
खाजूवाला — 30
पूगल — 30
छत्तरगढ़ — 29
रुणिया — 23
इन पंचायत समितियों में कुल 204 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
दूसरा चरण
दूसरे चरण में 5 पंचायत समितियों में चुनाव होंगे—
हदां — 19 ग्राम पंचायत
बीठनोक — 18
बज्जू — 38
कोलायत — 25
बीकानेर — 37
इनमें कुल 137 ग्राम पंचायतें हैं।
तीसरा चरण
तीसरे चरण में शेष 3 पंचायत समितियों में चुनाव होंगे—
श्रीडूंगरगढ़ — 33 ग्राम पंचायत
रिड़ी — 31
लूणकरणसर — 48
इनमें कुल 112 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
इस तरह बीकानेर की सभी 15 पंचायत समितियों और 453 ग्राम पंचायतों में तीन चरणों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी।
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कब होगा मतदान?
आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य
पहला चरण: 23 अक्टूबर 2026
दूसरा चरण: 29 अक्टूबर 2026
तीसरा चरण: 4 नवंबर 2026
चौथा चरण: 14 नवंबर 2026
बीकानेर में तीन चरण होने के कारण यहां संबंधित क्षेत्रों में 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर और 4 नवंबर को जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा।
पंच एवं सरपंच के लिए मतदान
पहला चरण — 25 अक्टूबर
दूसरा चरण — 31 अक्टूबर
तीसरा चरण — 6 नवंबर
चौथा चरण — 16 नवंबर
बीकानेर में पंच एवं सरपंच पदों के लिए मतदान क्रमशः 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर और 6 नवंबर को होगा।
जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना सभी चरणों के लिए 20 नवंबर 2026 को सुबह 8 बजे से जिला मुख्यालय पर होगी। पंच-सरपंच की मतगणना संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद की जाएगी।
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13 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया
जिला परिषद सदस्यों के नामांकन की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। नामांकन पत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 अक्टूबर को चुनाव चिह्न आवंटित कर अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।
पंचायत समिति सदस्यों के लिए चरणवार नामांकन प्रक्रिया भी अक्टूबर में शुरू होगी। वहीं पंच एवं सरपंच पदों के लिए चरणवार नामांकन प्रक्रिया 24 अक्टूबर से 15 नवंबर तक निर्धारित की गई है।
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मतदान में ईवीएम और मतपेटी दोनों का उपयोग
चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए अलग मतदान व्यवस्था रहेगी। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं वार्ड पंच का निर्वाचन मतपेटी के माध्यम से कराया जाएगा, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए ईवीएम का उपयोग किया जाएगा।
आयोग ने जिलों में पर्याप्त संख्या में ईवीएम आवंटित कर दी हैं। ईवीएम के स्थानांतरण और आवंटन की ऑनलाइन निगरानी के लिए ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर तथा रेंडमाइजेशन की व्यवस्था भी की गई है।
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मतदान केंद्र पर पहचान जरूरी
मतदान के लिए मतदाता को अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी कारण से मतदाता फोटो पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है तो आयोग द्वारा अनुमोदित वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकेगा।
मतदान केंद्र पर मतदाताओं की सहायता के लिए Voter Assistance Booth भी स्थापित किए जाएंगे। परिसीमन के कारण वार्ड और मतदान केंद्रों में हुए बदलाव को देखते हुए इन केंद्रों पर मतदाता सूची में क्रमांक और बूथ संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
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3.17 लाख कार्मिक और 2.72 लाख पुलिस बल की तैनाती
चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए सभी चरणों में करीब 3,17,688 कार्मिकों को लगाया जाएगा। मतदान एवं मतगणना दलों का गठन रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा और मतदान दलों को दो स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान के लिए करीब 2,72,304 पुलिसकर्मियों को तैनात करने की योजना बनाई गई है।
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नामांकन और विजय जुलूस पर भी प्रतिबंध
नामांकन पत्र दाखिल करते समय रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में उम्मीदवार सहित अधिकतम 5 लोग ही उपस्थित हो सकेंगे।
नामांकन के दौरान कार्यालय की 100 मीटर की सीमा में वाहनों की संख्या भी सीमित रहेगी। जिला परिषद सदस्य के लिए अधिकतम 3 वाहन, पंचायत समिति सदस्य के लिए 2 वाहन और सरपंच पद के लिए 1 वाहन की अनुमति होगी।
निर्वाचन परिणाम के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा विजय जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
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लाउडस्पीकर के लिए अनुमति जरूरी
चुनाव प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट अथवा सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
चुनाव प्रचार में वाहनों, लाउडस्पीकर, कटआउट, होर्डिंग, पोस्टर और बैनर आदि के इस्तेमाल को लेकर आयोग ने नियम निर्धारित किए हैं।
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संतान संबंधी प्रावधान हटाए गए
राजस्थान राजपत्र की 25 मार्च 2026 की अधिसूचना के माध्यम से राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 19 में संशोधन करते हुए पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में लागू संतान संबंधी प्रावधानों को हटा दिया गया है।
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दिव्यांग और वरिष्ठ मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
आयोग ने दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग, सहायता के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति, मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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25 नवंबर से जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव
जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के बाद पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी गई है।
जिला प्रमुख: 25 नवंबर 2026
उप जिला प्रमुख: 26 नवंबर 2026
प्रधान: 27 नवंबर 2026
उप प्रधान: 28 नवंबर 2026
हालांकि बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा जिला परिषदों के प्रमुख/उपप्रमुख तथा इनमें शामिल पंचायत समितियों के प्रधान/उपप्रधान का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होने के कारण इनके चुनाव की तारीखें अलग से घोषित की जाएंगी।
आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावी हो गई है। पहले से जारी कार्यादेशों अथवा पहले से चल रहे विकास कार्यों पर इसका प्रभाव नहीं होगा, जबकि नई निविदा, नई योजना, नए विकास कार्य और नए कार्यादेश आचार संहिता के दौरान प्रतिबंधित रहेंगे।
नोट: यह समाचार आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए 3 अक्टूबर 2026 के राज्य निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक वेबसाइट से स्वतंत्र वेब सत्यापन के लिए खोज परिणाम उपलब्ध नहीं हो सके।









