बीकानेर। मिलावटखोरी के खिलाफ बीकानेर के दमित गहलोत का दसवें दिन भी अनशन जारी रहा। सामाजिक कार्यकर्ता दमित गहलोत ने बीकानेर से दिल्ली के लिए 4 सितंबर 2026 को मिलावटखोरी के खिलाफ पैदल मार्च (पदयात्रा) पर निकले थे. वह लगभग 21 दिनों में 700 किलोमीटर की दूरी तय करके दिल्ली पहुंचे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचने के बाद अब वह भूख हड़ताल पर बैठे, लेकिन दिल्ली प्रशासन ने मुख्य धरना स्थलों पर बैठने की अनुमति नहीं दी और कहा कि अपने राज्य में ही धरना दें। शनिवार को दिल्ली से वापस बीकानेर लौटे दमित की हालत 10 दिनों से भूखे रहने के कारण काफी नाजुक बनी हुई है तथा तबीयत ज्यादा बिगडऩे पर ड्रिप चढ़ाई गई है लेकिन हौसले बुलंद हैं। दमित गहलोत का मुख्य लक्ष्य देश के 140 करोड़ों लोगों को फूड माफिया और मिलावटखोरी से मुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों में जो मिलावट की जा रही है, वह लोगों के शरीर में धीमे जहर की तरह काम कर रही है, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ फैल रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मिलावटखोरों के खिलाफ फांसी जैसी सख्त सजा का प्रावधान हो और इसके लिए एक बेहद कड़ा कानून बनाया जाए। कानासर निवासी शनिवार को दमित गहलोत की पत्नी सुरेन्द्र कौर, पुत्र जय सिंह व लवप्रीत गहलोत, हेमंत सैनी और यारिया लंगोटिया ग्रुप, दिनेश भाटी, अभिषेक स्वामी, गोविंद टाक, नवीन अग्रवाल, करण गहलोत, रजत सोलंकी, रवि शंकर सोलंकी एवं अन्य युवाओं द्वारा प्रदर्शन कर जिला कलक्टर एवं जिला अधीक्षक को ज्ञापन दिया।








