लूणकरणसर । राजस्थान चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पशु विज्ञान केंद्र लूणकरणसर में विश्व पशु कल्याण दिवस के अवसर पर संगोष्ठी एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पशु कल्याण, जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता तथा पशु संरक्षण के लिए विधिक एवं संस्थागत प्रयासों पर चर्चा की गई।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता एवं भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के मानद प्रतिनिधि श्रेयांस बैद ने कहा कि पशु कल्याण केवल सेवा का विषय नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, सामाजिक उत्तरदायित्व और विधिक दायित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड द्वारा पशु क्रूरता की रोकथाम, पशु कल्याण संस्थाओं को प्रोत्साहन, जन-जागरूकता तथा पशुओं के प्रति मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पशु संरक्षण के लिए आमजन, प्रशासन, पशु चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं शिक्षण संस्थानों को मिलकर कार्य करना होगा।
नोडल चिकित्सा अधिकारी लखन पाल सिंह ने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए समय पर चिकित्सा सुविधा, टीकाकरण तथा उचित देखभाल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पशुपालकों से पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सकीय परामर्श लेने का आह्वान किया।
पशु विज्ञान केंद्र के दौलत राम गोदारा ने भी पशु कल्याण एवं पशुपालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार और वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने पशु कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पशु क्रूरता की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।











