










केके उपाध्याय बोले- बीकानेर प्रतिभाओं की खान, शहर की प्रतिभाओं की सक्सेस स्टोरी को किताब में पिरोना सराहनीय प्रयास
संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने कहा- प्रतिभाओं को सामने लाना ही सच्ची पत्रकारिता
बीकानेर // शहर की प्रतिभाओं और उनके संघर्ष से सफलता तक के सफर को शब्दों में संजोने वाली पुस्तक ‘यूनिक बीकाणा 3.0’ का विमोचन रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित जिला उद्योग संघ सभागार में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी चिंतक, लेखक, विचारक एवं वरिष्ठ पत्रकार केके उपाध्याय थे। रामझरोखा धाम के राष्ट्रीय संत सरजू दास जी महाराज का कार्यक्रम में पावन सान्निध्य रहा। विशिष्ट अतिथि संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, उद्योगपति कन्हैया लाल बोथरा, नारी शक्ति संगठन की अध्यक्ष मधु खत्री तथा इंदिरा गांधी नहर परियोजना के मुख्य अभियंता विवेक गोयल मौजूद रहे। अतिथियों ने पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद आचार्य और संपादक पत्रकार रमेश बिस्सा हैं। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय उद्घोषक रविंद्र हर्ष ने किया।
प्रतिभाओं की सक्सेस स्टोरी को किताब में पिरोना बड़ा काम : उपाध्याय
मुख्य अतिथि केके उपाध्याय ने कहा कि अपने शहर की प्रतिभाओं को एक पुस्तक में पिरोने का काम सराहनीय है। इसके लिए लेखक प्रमोद आचार्य बधाई के पात्र हैं। बीकानेर प्रतिभाओं की खान है। यहां के ऐसे लोगों की सफलता की कहानियों को पुस्तक के रूप में सामने लाना अपने आप में बड़ा काम है। उन्होंने कहा कि संघर्ष से सफलता हासिल करने वाले लोगों की यात्राएं नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का माध्यम बन सकती हैं।
प्रतिभाओं को पाठकों तक पहुंचाना ही सच्ची पत्रकारिता : मीणा
संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने कहा कि हर शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिभाएं मौजूद होती हैं। उन प्रतिभाओं को तलाशकर पाठकों के सामने लाना ही सच्ची पत्रकारिता है। उन्होंने पुस्तक के लेखक प्रमोद आचार्य और संपादक रमेश बिस्सा को इस प्रयास के लिए बधाई दी।
सरजुदास महाराज ने दिया आशीर्वचन
रामझरोखा धाम के राष्ट्रीय संत सरजू दास जी महाराज ने पुस्तक के लिए आशीर्वचन दिए। मुख्य अभियंता विवेक गोयल ने भी ‘यूनिक बीकाणा’ के प्रयास को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसी पुस्तकों के माध्यम से समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों की पहचान व्यापक स्तर पर सामने आती है। वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार हरीश बी शर्मा यूनिक बीकाणा के अब तक के प्रयासों को विस्तार से बताया तथा कहा कि ये प्रयास युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन देने का प्रयास है। उद्घोषक ज्योति प्रकाश रंगा ने बताया कि इस शहर का हर पत्थर हर हवेली यहां का खान-पान तथा यहां की कला संस्कृति अपने आप में यूनिक है।
संघर्ष के बाद सफलता हासिल करने वालों की कहानी
विमोचन से पहले पुस्तक के लेखक प्रमोद आचार्य ने ‘यूनिक बीकाणा’ की परिकल्पना और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पुस्तक में ऐसे जीवट लोगों की कहानियां शामिल की गई हैं, जिन्होंने संघर्ष के बाद अपने-अपने क्षेत्र में सफलता हासिल की। इनमें विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली प्रतिभाओं की जीवन यात्रा को स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन संघर्ष की कहानियों से भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और यह पुस्तक युवाओं के लिए उपयोगी साबित होगी। अंत में संपादक रमेश बिस्सा ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार जताया।
शहर के अनेक गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद पचीसिया, भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष विजय कुमार आचार्य, पूर्व महापौर नारायण चोपड़ा, बनवारी लाल शर्मा, श्रीभगवान अग्रवाल, संपत पारीक, साहित्यकार कमल रंगा, राजेंद्र जोशी, जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. हरिशंकर आचार्य, डॉ. विठ्ठल बिस्सा, सुमति कुमार सुराणा, सीताराम कच्छावा, लोक कलाकार गिरधर व्यास, वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश पुगलिया, बीकानेर प्रेस क्लब अध्यक्ष कुशाल सिंह मेड़तिया, पूर्व अध्यक्ष जय नारायण बिस्सा, रमजान मुगल, फोटो जर्नलिस्ट मनीष पारीक, वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन अग्रवाल, बलदेव रंगा, गिरीश श्रीमाली, सुमित व्यास, गोवर्धन सोनी, दाऊलाल कल्ला, केके आहूजा, कौशलेश गोस्वामी, अश्वनी श्रीमाली, महेंद्र जोशी, राजकीय लोक अभियोजक राधेश्याम सेवग, एडवोकेट श्याम गुलरिया, मुरली जोशी, जयकुमार पुरोहित, दामोदर तंवर, योग गुरु श्रीरतन तंबोली, सेवानिवृत्त अभियंता दीपक बंसल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।











