



जस्सूसर गेट के बाहर परासर भवन के पास स्थित मंदिर ने लिया नया स्वरूप, मोहल्लेवासियों के सहयोग से हुआ जीर्णोद्धार
बीकानेर। शहर के जस्सूसर गेट के बाहर परासर भवन के पास स्थित करीब 80 साल पुराने हनुमान मंदिर का शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर जीर्णोद्धार किया गया। मोहल्लेवासियों के सामूहिक सहयोग और सहभागिता से मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूरा हुआ, जिसके बाद प्राचीन मंदिर ने नया स्वरूप ले लिया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भव्य जागरण, कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और हनुमानजी के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर के जीर्णोद्धार से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। करीब आठ दशक पुराने इस मंदिर से मोहल्लेवासियों की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में मंदिर को नया स्वरूप मिलने पर स्थानीय लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन के माध्यम से हनुमानजी की महिमा का गुणगान किया गया। श्रद्धालु धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर भक्ति में लीन नजर आए। शाम को आरती के बाद श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण कर लोगों ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।
जनप्रतिनिधियों ने की शिरकत
धार्मिक कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, बीकानेर के महापौर अनिल कल्ला, पार्षद प्रतिनिधि कमल स्वामी, पार्षद गजानंद तथा पार्षद प्रतिनिधि मनीराम कुकणा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। अतिथियों ने मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया और क्षेत्रवासियों के इस सामूहिक प्रयास की सराहना की।
अतिथियों का किया स्वागत-सत्कार
कार्यक्रम में जुगल बिनानी, गोपाल सोनी, सत्यनारायण गहलोत, श्याम गहलोत, नत्थू सिंह राजपुरोहित और महावीर सोनी ने अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया। कार्यक्रम का संचालन विनय हर्ष ने किया।
मोहल्लेवासियों के सहयोग से प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार संपन्न होना क्षेत्र की सामूहिक एकजुटता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बना। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को भक्ति और धार्मिक उल्लास से जोड़ते हुए यादगार माहौल बनाया।












