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बीटीयू का मामला राजभवन पहुचा, जातिवाद के दंश ने अजीत सिंह पुनिया रीड़र ड़ीन रिसर्च सुपरवाइजर सीईटी की अपील रोकी

बीकानेर। बीकानेर बार एसोसिएशन के युवा अधिवक्ता ओर आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट सुरेश गोस्वामी ने बुधवार को अपने प्रेस बयानों में बताया कि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय मे जातिवाद इतना हावी है कि कुलपति बीटीयू बीकानेर फर्जी डिग्री धारी की अपील भी नही कर पा रहा है ।
विदित रहे सीईटी कॉलेज के अजीत सिंह पुनिया रीड़र ड़ीन रिसर्च सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त है । जबकि यह केवल बी काम ए लेवल कोर्स धारी ही है। एम पी पुनिया पूर्व प्राचार्य ईसीबी बीकानेर ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र व फर्जी शैक्षणिक डिग्रियो के आधार पर एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर 2008को नियुक्त किया था।
अधिवक्ता की शिकायत पर तकनीकी शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार ने अजीत सिंह पुनिया के खिलाफ कार्रवाई कर सेवा समाप्त कर दी थी । अजीत सिंह पुनिया ने दुरसंधि कर माननीय न्यायालय मे निर्णय करवा लिया था।तत्पश्चात तकनीकी शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार ने 18-11-2020 को पुनिया के मामले मे माननीय न्यायालय मे अपील प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए थे । एडवोकेट ने बताया कि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय मे जातिवाद इतना हावी है कि कुलपति बीटीयू इनके आगे नतमस्तक हो चुका है तथा कोई भी विधि संवत कार्यवाही नही कर पा रहा है । एडवोकेट गोस्वामी ने आश्चर्य प्रकट किया कि जब कला व कोमर्स के छात्रो का प्रवेश बीटेक मे नही हो सकता तो बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय मे पुनिया रीड़र ड़ीन रिसर्च सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत कैसे ।
एडवोकेट सुरेश गोस्वामी ने इस सम्बन्ध मे माननीय राज्यपाल महोदय को पत्र लिखकर कुलपति बीटीयू से तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगवाने व उच्च न्यायालय मे अपील की देरी के लिए दोषी अधिकारियो के विरूद्ध कारवाई की मांग की है ।

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