

जैनधर्म के आचार्य श्री महाश्रमण आज करणीधाम देशनोक पहुंचकर मां करणी के दर्शन किए। तेरापंथ भवन देशनोक में अल्प विश्राम के बाद राजकीय करणी उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में पूर्व प्रस्तावित विशाल धर्मसभा को संबोधित किया।महाश्रमण ने सुखमय मानव जीवन जीने के गुरुमंत्र बताए।उन्होंने कहा कि मानव जीवन मे आचार, ज्ञान व बुद्धि का बड़ा महत्व है। आचार्य श्री महाश्रमण ने इस से जुड़े कई प्रेरक प्रसंग सुनाए। साध्वी प्रमुखा विश्रुति प्रभा ने धर्मसभा को संबोधित किया। साध्वी प्रमुखा ने कहा कि इम्मानदारी व सद-व्यवहार ,क्रोध पर नियंत्रण,व्यवसनमुक्त जीवनचर्या ही सफल जीवन की कुंजी है। तेरापंथ महिला व कन्या मण्डल ने अभिनंदन गीत प्रस्तुत कर आचार्य श्री महाश्रमण वंदन व अभिनंदन किया। धर्मप्रेमियों के विशेष अनुरोध पर महाश्रमण ने देशनोक में रात्रि विश्राम पर अपनी सहमति प्रदान की। तेरापंथ सभा देशनोक के अध्यक्ष जीतमल बांठिया व मंत्री हनुमान सिपाणी ने सभी का आभार जताया।
















