
करीब आ गई है वो घडी जब एक बार फिर इतिहास को दोहराया जाएगा। कहीं रावण के पहरेदार राक्षस को, सड़कों पर देखकर बच्चे डर जाएंगे तो कहीं वानर सेना के जय श्री राम से नारों से आसमान गुंजाएमान हो जाएगा। शहर की सड़कों पर हर तरफ रावण का अट्टहास गूंजेगा। बहरहाल सामाजिक समरसता का प्रतीक ये शहर छोटीकाशी यानि बीकनेर, पूरी तरह से भक्ति के रस से सराबोर हो जाएगा। हम बात कर रहे हैं, बुराई पर अच्छाई के प्रतीक दशहरे की।
दशहरा देश में प्रति वर्ष मनाया जाने वाला एकमात्र ऐसा त्यौहार है, जिसमे इतिहास को पुनर्जीवित किया जाता है। वैसे तो इस देश में तीज त्योहारों की कोई कमीं नहीं लेकिन दशहरा ही एक मात्र ऐसा त्यौहार है, जिसमे हर नई आने वाली पीढ़ी इतिहास को वर्तमान में देखती है और उस से शिक्षा लेती है। नवरात्री के पावन अवसर पर आयोजित की जाने वाली रामलीलाएं और दशहरे का उत्सव एक मात्र वो अवसर है जिसमे इतिहास को पुनः सचेतन रूप लेते हुए देखा जा सकता है।
जिला प्रशासन और बीकानेर दशहरा कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में दशहरा उत्सव 24 अक्टूबर को स्थानीय डॉ करणी सिंह स्टेडियम में मनाया जाएगा। इस बारे में बात करते हुए कमेटी के सचिव संजय झाम्ब ने बताया कि वैसे तो दशहरा उत्सव अपने आप में ही विशेष महत्त्व रखता है लेकिन बीकानेर के इस उत्सव में सामाजिक समरसता अपने आप में बड़ी मिसाल है। उन्होंने बताया कि जहाँ एक और पुतले का निर्माण करने वाले हमारे मुस्लिम भाई हैं वहीं दूसरी और पिछले कई वर्षों से लगातार हनुमान का भेष धारण करने वाले सलीम भाटी भी बेशक़ मुस्लिम समाज से आते हैं लेकिन हम से भी ज्यादा जय श्री राम के नारे वही लगाते हैं। ये जो सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की रीत बीकानेर में देखने को मिलती है ऐसी शायद ही कहीं देखने को मिले।
उत्सव के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, कि प्रशासन के निर्देशानुसार सिमित समय में सभी कार्यों को अंजाम दिया जाएगा। गोधूलि वेला में रावण के पुतले का दहन कर दिया जाएगा। इस से पहले दर्शकों को स्टेडियम में हनुमान-रावण युद्ध और राम-रावण युद्ध भी देखने को मिलेगा।
इस अवसर में शहर भर से निकली जाने वाली सचेतन झांकियों के विषय में बात करते हुए झांकी संयोजक नमन झाम्ब ने बताया कि इस बार 27 सचेतन झांकियां निकाली जाएंगी। ये झांकियां दोपहर 12 बजे धोबी तलाई से रवाना होंगी। जेल रोड, ठंठेरा बाजार, बड़ा बाजार, तेलीवाड़ा, कोटगेट, केइएम रोड, जूनागढ़, तीर्थम चौराहे होते हुए स्टेडियम पहुंचेंगी। उन्होंने कहा की मेरे सहयोगी फ्रेंकी झाम्ब और नैतिक चावला झांकियों के संयोजन में मेरे साथ लगातार सहयोग करते हैं। नमन झाम्ब ने बताया कि झांकी के लिए चयनित पात्रों का लगातार अभ्यास जारी है, इस बार काफी नए आकर्षक जोड़े जा रहे हैं। डांडिया पार्टी के साथ ही इस बार झांकी में भी इलेक्ट्रिक आतिशबाजी की जाएगी जो कि लक्की फायरवर्क्स की तरफ से बिल्कुल निःशुल्क की जाएगी।












