
वर्षा ऋतु के बाद मौसम बिल्कुल साफ दिखाई देने लगता है ,और चारों ओर हरियाली और फूलों से महक फैलने लगती है, तब अचानक तापमान में कमी होने लगती है,और शरद ऋतु का आगमन होता है, सबसे ज्यादा सर्दी दिसंबर और जनवरी का महीना होता है, ऐसे समय में ठंड से बचने के लिए स्वेटर, ओवरकोट, दस्ताने, मफलर, सबसे शरीर को ढक कर रखा जाता है रात को सोते समय रजाई, कंबल का प्रयोग किया जाने लगता है और सर्दी से बचने के लिए हीटर या आग जलाकर ठंड से बचने का प्रयास किया जाता है, नगरों में चौराहों पर उपले कोयला और लकड़ी जलाकर तापने का प्रबंध किया जाता है, सबको धूप का इंतजार रहता है ताकि इस सर्दी से बचा जा सके, ऐसे समय में जीव जंतु भी इस ठंड से अछूते नहीं रहते और उन्हें भी धूप का आनंद लेने के लिए खुले में घूमना पसंद होता है, कई बार तो ऐसा देखा गया है कि सूर्य देवता कई कई दिन तक अपने दर्शन नहीं देते तो लोगों को भारी सर्दी का सामना करना पड़ता है,खुले में बैठना और लेटना बीमारी को बढ़ावा देना होता है पहाड़ों पर बर्फ पड़ने लगती है, अनेक सैलानी तो उस बर्फ का आनंद लेने के लिए हिल स्टेशन पर जाते हैं और हसीन वादियों का आनंद उठाते हैं , सर्दियों में बच्चे मुंह से गर्म भाप को निकालकर मस्ती करते हैं, रात्रि को सभी जल्दी अपने घर में सर्दी से बचने के लिए आ जाते हैं, इस ऋतु में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए अच्छा समय है क्योंकि अनेक खाने पीने की चीजें इस मौसम में उपलब्ध हो जाती हैं, अनेक प्रकार की सब्जियां व फल इस मौसम में बहुत मात्रा में मिलने लगते हैं गेहूं की बुवाई भी इसी इसी समय होती है , जैसे बंद गोभी, आलू, सेम, मटर, मूली, गाजर आदि अनेक प्रकार की सब्जियां इस मौसम में आने लगती हैं .गाजर का हलवा तो इस मौसम में बहुत ही पसंद किया जाता है, वही आलू के पराठे, मूली के पराठे भी इस मौसम में लोगों को बहुत पसंद आते हैं, तिल और गुड़ का प्रयोग इस मौसम में स्वास्थ के लिए लाभप्रद होता है, शरीर में गर्मी बनी रहती है, चाय और कॉफी का सेवन इस समय बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, वही देखा गया है कि इस मौसम में भूख ज्यादा लगती है और हमें शक्ति संचय करने का शुभ अवसर प्राप्त होता है, शरद ऋतु में मच्छर मक्खी का प्रकोप कम हो जाता है, ठंड की वजह से वह नहीं रह पाते, इसके अलावा संक्रामक बीमारियां इस मौसम में बहुत कम हो जाती हैं, हर तरफ से खानपान ठीक रखा जाए तो यह शरद ऋतु का मौसम स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभप्रद है, दवाइयों की बहुत कम जरूरत पड़ती है, मन को हमेशा खुश रखा जाए, नेगेटिव इच्छा को अपने से दूर रखा जाए, भगवान का ध्यान भजन किया जाए तो निश्चित तौर पर हम इस ऋतु का भरपूर आनंद उठा सकते हैं , इस ऋतु में क्रिसमस, नव वर्ष, लोहड़ी, मकर संक्रांति, गणतंत्र दिवस, बसंत पंचमी का त्यौहार आदि बड़े धूमधाम से मनाये जाते हैं और हम इस सुहाने मौसम में भरपूर आनंद उठाते हैं . जैसा कि हम सब जानते हैं सन 2020 में कोरोना की शुरुआत इसी समय हो चुकी थी, और आज फिर कोरोना कई राज्यों में सुना जा रहा है ,अतः हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि इस बीमारी से बचा जा सके और यह बीमारी फैल ना सके।
लेखक

*कृष्ण प्रकाश अग्रवाल ,
हैदराबाद*














