
आज दिव्यांग सेवा संस्थान द्वारा संचालित दिव्यांग शैक्षणिक स्कूल गंगाशहर में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया। मूक बधिर बालक बालिकाओ ने स्वामी विवेकानंद को याद किया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत शिक्षा विभाग सुभाष यादव ने बताया की स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। उनके द्वारा किए गए कार्यों और भारतीय दर्शन को वैश्विक पटल पर ले जाने वाले स्वामी विवेकानंद के जन्म-दिवस को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाए जाने की घोषणा के बाद से वर्ष 1984 से हर साल हम 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते हैं।
अजय कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का सिर्फ 39 वर्ष का जीवनकाल कई मायनों में आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि हर युवा राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकता है। ऐसे में युवाओं को अपने सामर्थ्य का उचित प्रयोग करना चाहिए। ऐसें युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद कहते थे।
रोहित कुमार ने कहा कि उनका मानना था कि आरामदायक से बाहर निकलो और अपने उद्देश्यों की प्राप्त के लिए प्रयास करके उसे प्राप्त करो उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।”
संस्थान संचालक जेठा राम ने बताया की स्वामी विवेकानंद कहते थे कि युवाओं को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है उनका मानना था कि युवा सिंह की भांति सभी समस्याओं से लड़ सकते हैं। इसलिए युवाओं को प्रेरित करते हुए वे कहते थे, की महान कार्य करने के लिए इस धरती पर आए हो।
कार्यक्रम में रवि कुमार, रमन लाल खुराव, प्रियांशु खुराव आदि मौजूद रहे।












