
आज दिव्यांग सेवा संस्थान, बीकानेर में 17 जनवरी 2024 को मूक बधिर बालक बालिकाओं द्वारा गुरु गोबिंद सिंह की जयंती मनाई गई।
कार्यक्रम में सुभाष यादव ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह सिखों के दसवें और आखिरी गुरु हैं, जिन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की थी। गुरु गोबिंद ने ही सिखों को पंच ककार धारण करने के लिए कहा था।
संस्थान संचालक जेठा राम ने सांकेतिक भाषा में बताया कि सिखों के 9 वें गुरु तेगबहादुर के पुत्र गुरु गोबिंद ने पिता की मृत्यु के बाद महज 9 वर्ष की आयु में गुरु की गद्दी संभाल ली। अपने दोस्तों, परिजनों को गुरु गोबिंद सिंह जयंती के मौके पर खास संदेश भेज कर शुभकामना दें।
अध्यापक अजय कुमार ने बताया कि पटना में जन्में गुरू गोविंद सिंह गुरु को अपने जीवनकाल में दमन और भेदभाव के खिलाफ लड़ने के लिए और सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत बनने के लिए भी जाना जाता है।
अध्यापक रोहित कुमार ने बताया कि हर वर्ष पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाई जाने वाली गुरु गोविंद सिंह की जयंती के दिन गुरुद्वारों को भव्य रूप से सजाया जाता है, जगह-जगह फेरियां निकाली जाती है, भजन,कीर्तन, अरदास, लंगर का विशेष आयोजन होते हैं.इस दिन गुरु के बलिदान और उनके वीरता को याद कर कई कार्यक्रम किए जाते हैं।












