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षटतिला एकादशी पर धार्मिक अनुष्ठान हवन दान पुण्य… तिल का प्रयोग माना जाता है सुख और सौभाग्य का प्रतीक

बीकानेर,6 फरवरी।
आज षटतिला एकादशी है। जिसके चलते बीकानेर में जगह-जगह पर हवन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज नाथ सागर में भी महिलाओं और युवतियों ने भगवान विष्णु का षोड्षोपचार से पूजन किया।
महिलाओं ने गंध, पुष्प, धूप दीप, ताम्बूल सहित विष्णु भगवान का षोड्षोपचार से पूजन किया और उड़द और तिल मिश्रित खिचड़ी बनाकर भगवान को भोग लगाया। रात्रि के समय तिल से 108 बार ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय स्वाहा इस मंत्र से हवन भी किया जाएगा।
बता दे कि कुल मिलाकर 6 प्रकार से तिल के प्रयोग को षटतिला एकादशी कहते हैं

एकादशी व्रत पूजा विधि
6 तिल की उत्पत्ति प्रभु श्री हरि विष्णु के शरीर से हुई है इसीलिए तिल को धार्मिक कार्यों में पवित्र माना जाता है।
षटतिला एकादशी का व्रत रखने वालों को उस दिन तिल का प्रयोग करना होता है. इस व्रत में तिल का प्रयोग करने से सुख और सौभाग्य बढ़ता है। माघ मास में सर्दी होती है, तिल की तासीर गरम होती है और यह स्वास्थ्यवर्धक भी होता है। इस व्रत में तिल का प्रयोग करने से सेहत भी अच्छी रहती

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दिलीप गुप्ता

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