
बीकानेर संभाग में आए दिन हो रही सर्वाधिक युवाओं के द्वारा फांसी पर लटक कर हो रही भयावह मौतों को लेकर गम्भीरता पूर्वक मंथन करने की जरूर हमारी पुलिस प्रशासन से कर बद्ध प्रार्थना आप सभी से हमारा आग्रह है कि कही ब्लैक मेलों तथा हानि ट्रैपो तथा सुध खोरों की धमकियों, डराने, भय व्याप्त करने से परेशान होकर तो नहीं कर रहें हैं हमारे सम्भाग के अधिकतर युवा श्री मान जी जैसा कि आप सभी महानुभावों के संज्ञान में लगातर, और लगभग रोजाना ही इस प्रकार के प्रकरण लगातर आ रहे हैं कि इन दिनों जो आत्म हत्याएं,, फांसी पर लटक कर मौत को गले लगाकर दुनिया से विदा लेने वाले लोगो मे अधिकार युवा वर्ग के बालक या महिलाओं, बालिकाओं को संख्या ज्यादा ही सामने आ रही है यह गम्भीर जांच का बिंदु है हालांकि महोदय हम इन प्रकरणों में हर मामलों में यह सम्भावित आरोप नहीं लगा रहे हैं हमारे पुलिस महकमे पर, चूंकि सभी सम्मानित पुलिस के जवान, अधिकारी एक सी सोच के नहीं होते हैं, अलग अलग विचारों के लोग भी होते हैं,, यह बात आज आपके समक्ष सादर अभिवादन तथा प्रार्थना के साथ लिख कर आग्रह कर निवेदन कर रहे हैं कि हमारी इस बात को आप अन्यथा ना लेते हुए गौर फरमावें और इस तरह से लगातर युवाओं के द्वारा, कर्ज दारों के द्वारा रोजाना मजबूरी के कारण की जा रही आत्म हत्याओं में आम जनता से या उनके परिजनों से जो जानकारी सामने आ रही है कि लगभग 70 प्रतिषत आत्म हत्या के मामलों में आत्म हत्या करने वाले लोगों उनके परिजनों के द्वारा सम्बन्धित पुलिस थानों अथवा पुलिस अधिकारियों के सामने बतौर परिवाद या एफ, आई, आर, तक दर्ज करवाई गई है मगर इन संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता की पीड़ितों को राहत नहीं दिला पाने में हमारे विभाग के जांच अधिकारी, पुलिस के जवानों, आदि के द्वारा समय पर पीड़ितों को गंभीरता से सहायता प्रदान नहि करवाई गई जिसके कारण ब्लेक मेलरों, घुस खोरों के होंशले बढ़ते गए, यानी उन लोगों के खिलाफ़ कोई सख्त कानून कार्यवाही नहीं की गई उन कारणों से पीड़ितों को कोई न्याय, सहारा समय पर नहीं मिल पाया ना ही नियाम अनुसार ऐसे प्रकरणों मै पुलिस प्रशासन के पास आने के पश्चात दोनों पार्टियों को बुलाकर टेबल टॉक (काउंशलिग) आदि के प्रयास भी संभवत नही करवाए गए जिसके परिणाम स्वरूप आखिर कार पीड़ितों को समाज, परिवार के अलावा आप और हम लोगों से कोई उम्मीद या सहारा नहीं मिल पाया जिसके कारण आखिर उन युवाओं, युवतियों, आदि ने मजबूरी वस फांसी लगाकर दुनिया से विदा लेने का भयावह निर्णय लेना पड़ा,, आदरणीय आप सभी से एक बार फिर मैं आग्रह के साथ निवेदन कर रहा हूं क्योंकि मैं 45 सालों से पुलिस विभाग के साथ निस्वार्थ भाव से जुड़कर सेवा सुसेवा करता चला आ रहा हूं विभाग की व्यस्थाओँ, मजबूरियों, वर्क लोड की अधिकता, स्टाफ आदि की कमी , साधन संसाधनों को कमी आदि से भी मै भली भांति परिचित हूं अतः मैं पुलिस विभाग पर किसी भी प्रकार के आरोप नहीं लगा रहा हूं अपितु यह मांग कर रहा हूं कि आप हम सब को मिलकर इस प्रकार से बढ़ते जा रहे आत्म हत्याओं के प्रकरणों के कारणों में गहराई से मंथन करने की आवश्यकता है और किस प्रकार से हमारे विभाग के द्वारा इन प्रकरणों पर विराम लगाया जा सकता है इस प्रकार के उपायों पर विचार विमर्श करने की आवश्यकता है यही हमारी टीम सावधान इण्डिया 077, की आप सभी महानुभावों से सादर अभिवादन और प्रार्थना के साथ मांग है सहयोग हेतु आभार,,, प्रार्थी,, ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया, अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष टीम सावधान इण्डिया 077,,,













