
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया:।

बिना नारी के विश्व की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी है तो विश्व है। भारत में तो नारी को देवी माना जाता है। जिस घर में नारी का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। नारी सहनशीलता की अद्भुत मिसाल होती है, उसी का लाभ उठाकर उसकी समाज में प्रताड़ित भी किया जाता रहा है, एक समय था जब नारी कई विषमताओं से गुजरी, पर्दा प्रथा, अशिक्षा, बाल विवाह, विधवा होने पर अनेक प्रताड़नाओं से गुजरना। यही नारी का भूत रहा है , भारत में ही नहीं पूरे विश्व में नारी प्रताड़ित की गई है पर आज स्थिति बहुत अलग है। आज नारी हर क्षेत्र में पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, आजादी की लड़ाई में नारियों का अपना एक अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है, बिना नारी शक्ति के स्वतंत्रता मिलना असंभव सा था।
पूरे विश्व का ही कल्याण हो रहा है, विकास भी अधिक हो रहा है, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पूरे विश्व में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। जब तक नारी का सम्मान होता रहेगा, तब तक विश्व का कल्याण और विकास होता रहेगा, क्योंकि एक नारी पूरे परिवार को संभाल कर रखती है, पूरे परिवार को सुसंस्कृत शिक्षित बनाने में नारी का महत्वपूर्ण स्थान होता है। परिवार से समाज, समाज से शहर, शहर से देश, देश से विश्व बनता है। नारी तो पुरुष की जननी है।
किसी भी रूप में नारी पुरुष से कमजोर नहीं हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।














