
बीकानेर 8 मार्च 2024 श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के सचिव ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया द्वारा मुक्ता प्रसाद थाने के थाना प्रभारी, सी, आई, का मंदिर प्रांगण में सम्मानित किया गया! आज महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मन्दिर ट्रस्ट मै मेले मै भारी संख्या में भीड़ रही, ट्रस्ट की ओर मेले में कानून व्यवस्था मै मुक्ता प्रसाद थाने की पुलिस टीम का सराहनीय सहयोग किए जाने के कारण थानेदार श्री विरेन्द्र सिंह राठौड़ का ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर, शॉल ओढ़ाकर, श्री फल देकर सम्मानित किया गया साथ ही ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया की और से सहर के पत्रकार बंधु कोशलेश स्वामी, अख्तर चुड़ीगर, के कुमार आहूजा, जब्बार खान, मुकुंद शर्मा, दिलीप कुमार गुप्ता, जय सिंह, चौहान, दिलीप गुप्ता महावीर सहदेव का स्मृति चिन्ह भेंटकर माल्यार्पण किया गया,

ट्रस्ट के सचिव ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने बताया की इस इस विशाल मन्दिर प्रांगण में सम्भवतः सम्पूर्ण बीकानेर संभाग मै यह सबसे पहले हुआ को 22जनवरी 2024 की जिसे ही अयोध्या में रामलला बिजराज मान हुए उसके बाद बीकानेर शहर मै सबसे पहले इस ऐतिहासिक मंदिर में मंदिर के पुजारी श्री पंडित महेश भोजक की प्रेरणा से तथा सचिव ठाकुर ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया की मनोकामना को पुरी करते हुए शहर के एक दर्शनार्थी, भामाशाह श्री सुनील जी गेरा की और से मकराना के सफेद मार्बल से बनी पूरे राम दरबार की को मूर्तियों को स्थापना की गई ! आज ही चार सालों से इस मन्दिर में बतौर ट्रस्ट के वरिष्ट पदाधकारिओं के आग्रह से समाज सेवी ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने यह सचिव पद पर रहकर अपनी सेवाएं प्रदान की गई मगर अब चूंकि ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया को अपने पारिवारिक कारणवश अगले काफी समय तक बीकानेर शहर से अधिकतर बाहर आने जाने की जिम्मेदारी आ जाने के कारण आज ही ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने मन्दिर के पूर्व सचिव श्री श्याम सुंदर सोनी को सचिव पद से नियुक्ति पत्र लिखकर सौंप दिया साथ ही! वरिष्ट सरक्षक श्री विजय कुमार गहलोत को भी त्याग पत्र दिया गया है,! ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने सभी मन्दिर प्रांगण के पुजारियों, दर्शनार्थियों, भगत गणों , दान दाताओं और अपने सहयोगी कार्यकार्तों से माफी मांग कर सेवा के दौरान हुई कोई गलतियों हेतु प्रयास किया गया साथ ही ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने यह त्याग पत्र पूरे होश हवास , किसी के भी दबाव या किसी भी प्रकार के आरोप आदि के कारण नहीं अपनी पारिवारिक व्यस्थताओं के कारण बडी ही प्रसन्नता से दिया गया है ! महादेव माफ करे!














