बीकानेर, 8 मार्च। कोचर मंदिरात एवं पंचायती ट्रस्ट के तत्वावधान में कोचरों के चौक के पंच मंदिर परिसर के भगवान ऋषभदेव एवं श्री पार्श्वनाथ जिनालय के मूल गर्भगृहों में दो प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय मंगल कार्यक्रम शुक्रवार को शुरू हुआ। काले संगमरमर की भगवान पार्श्वनाथ की नई प्रतिमा की अंजन श्लाका विधान गच्छाधिपति नित्यानंद सूरिश्वरजी ने जालौर के उम्मेदपुर में किया था। भगवान ऋषभदेव की प्रतिमा को जीर्णोंद्धार के बाद पुनः प्रतिष्ठित किया जाएगा।
आयोजन से जुड़े जितेन्द्र कोचर ने बताया कि गच्छाधिपति विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी के आज्ञानुवर्ती प्रन्यासप्रवर मुनि धर्मशील विजय व मुनि पद्मशील विजय के सान्निध्य में शुक्रवार को कुंभ व दीप स्थापना, ज्वारारोपण, नवग्रह, दश दिक्कपाल, अष्टमंगल, पाटलापूजन, क्षेत्रपाल पूजन, 18 अभिषेक विधान, नद्यार्व पूजन करवाया। विधिकारक चौमहला वाले नितिश भाई थे। पूजन के दौरान अमित कोचर, रौनक व रोहित कोचर ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए। पूजा में सुश्रावक रिखबदास, केशरीचंद, मोजीराम, खेमचंद कोचर परिवार, जतनमल, हीरालाल, सुनील, कृणाल कोचर परिवार, श्रीमती विनोद देवी,चन्द्र कुमार कोचर परिवार, टीकमचंद भंवर लाल कोचर परिवार, समस्त सिरोहिया परिवार, शिखरचंद डागा परिवार ने हिस्सा लिया है।
शनिवार को गाजे बाजे के साथ सुबह साढ़े आठ बजे गोगागेट के बाहर वल्लभ सर्किल के पास स्थित कोचरों की दादाबाड़ी से पंच मंदिर तक प्रन्यास प्रवर व मुनिवृंद के सान्निध्य में भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा नगर प्रवेश करवाकर मंगल मुर्हूत में दोनों जिनालयों के मूल नायक परमात्माओं की प्रतिष्ठा होगी। तत्पश्चात शांति स्नात्र विधान व गौतम प्रसादी का आयोजन होगा। रविवार को सुबह छह बजे द्वार उद्घाटन व सुबह साढ़े नौ बजे सत्रहभेदी पूजा होगी।














