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लावारिश लाशों का अंतिम संस्कार करने में सिद्धहस्त भदौरिया ने दो शवों का अंतिम संस्कार किया

लावारिस का एक ही सहारा समाजसेवी ठाकुर दिनेश सिंह भदोरिया

बीकानेर , 17 मार्च। लवारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने में अपने सम्पर्पित कर चुके ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया को लवारिस लाशों का चितेरा कहा जाने लगा है।
आज भी टीम सावधान इण्डिया 077के ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया और उनकी जांबाज टीम ने एक अज्ञात व्यक्ति के लावारिस शव का पूर्ण विधान से अन्तिम संस्कार करवाया। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पूर्व भी मुक्ता प्रसाद थाने क्षेत्र में क्ष सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ती का शव मृत अवस्था में मिला था, शव को तीन दिन तक कोई पहचान नहीं पाया। थाना के पुलिसकर्मियों के सहयोग से उसका अंतिम संस्कार किया।

समाज सेवा के जज्बे के चलते ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने अपनी नौकरी से VRS ले लिया। इन्होने बताया कि रेल विभाग में सीनियर टेक्नीशन के पद से स्वेछिक सेवा निवृति ली। अपने 58 वर्ष की उम्र में 117 बार रक्तदान कर चुके हैं। समाज सेवा के कार्य में कई मित्र भी सहयोग करतें हैं।

यूं ही नही कहा जाता है ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया को लावारिस लाशों का चितेरा और लावारिसों का वारिश,, धन्य है वो माता जी जिनकी गोद से यह नाचीज़ इंसान पैदा हुआ है धन्य है माता श्री मती सवित्ती सिंह कुशवाह की कोख जिसने इस हीरे को औरों के लिए ही चौबीसों घण्टे लापता लोगों की तलास करने के लिए,, गरीबों की मदद के लिए, दिव्यांगो की असहाय लोगो की मदद करने सड़को पर होने वाले एक्सीडेंट से उठाकर हॉस्पिटल पहुंचा कर उनका इलाज करवाने, उनकी सेवा सेवा करने जरूरत पढ़ने पर उनको रक्त दान भी पहले खुद के शरीर से करने बाद में मरीज को ज़रुरत पढ़ने पर अपनी टीम सावधान इण्डिया 077,,, गुमशुदा तलाश केंद्र इण्डिया, 077, नारी रक्षा ब्रिगेड इण्डिया 077, बचपन बचाओ टास्क फोर्स इण्डिया 077, तथा शोषित एवम पीढ़ित नारी संरक्षण संस्थान इण्डिया, 077के हज़ारों समाजसेवियों के के सहयोग से पिछले 47बरसों से देश भर के करीब 80शहरों तक अपनी टीम के साथियों से निस्वार्थ निशुल्क भाव से सहयोग करते चले आ रहे हैं, जब ये भारतीय रेल मै सीनियर टेक्निशन के पद पर सेवा दे रहे थे और अभी उनकी नौकरी आठ साल बाकी थी मगर चौबीसों घण्टे ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया को जो सेवा का जुनून या पागल पन सवार था तो अपने मित्रों, परिजनों, परिवारों की स्वीकृति और आज्ञा लेकर,, समाज सेवा मै रेल को नौकरी आड़े आई तो ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने सेवा निवृत से आठ साल पहले ही वी, आर, एस यानी स्वेक्षिक सेवा निवृत लेली और रेल द्वारा प्रदान की जा रही पेंशन से अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं मगर आज 58साल 6माह की उम्र के बाद भी खुद अपने शरीर से 177बार रक्त दान करने के बाद भी दिन रात राष्ट्र, राज्य तथा हमारे बीकानेर जिले के इंसानों की सेवा लगातर करते आ रहे हैं,, आज ही मुक्ता प्रसाद थाने के थानाधिकारी श्री धीरेंद्र सिंह के आग्रह पर कि तीन दिन से रीको क्षेत्र में एक अज्ञात लावारिस का शव मिला है जिसकी बॉडी को पी बी एम अस्पताल के मुर्दा घर में रखे 72, घंटे हो गए हैं इस मटक की पहचान वाला कोई नहीं आया है तो फिर ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने थाने में एक मृग दर्ज कराई और और थाने की पुलिस की सहायता से उसका पोस्ट मार्टम करवा कर इस अज्ञात शव को पुलिस के आदेश से खुद ही प्राप्त किया बाद में भामाशाह महाविर रांका द्वारा संचालित शव वाहिनी के सहयोग से आर, सी, पी, शव दाह ग्रह मै खुद ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने मृतक को अपना ही इंसान मान कर उसको मुखाग्नि दी,, बाद में चंदन की लकड़ी,गंगा जल आदि समर्पित कर इस लावारिस अज्ञात इंसान के कपाल क्रिया की भी जिम्मेदारी निभाई,, टीम सावधान टीवी77 के बजरंग सोनी, संजय बिनावरा (लवली) प्रेम मामनानी, प्रेम प्रजापत, क्रान्ति सोनी, पवन सोनी, जाकिर हुसैन सेख आदि के द्वारा इस लावारिस व्यक्ति का अन्तिम संस्कार करवाया आज इसके अन्तिम संस्कार में आर्थिक सहयोग करने वालो मै, एडवोकेट श्री कमल सिंह गोहिल, गगन शर्मा , धनेश सोनी, बजरंग सोनी, प्रेम मामनानी , प्रेम प्रजापत, मांगी लाल सोनी ने सहयोग किया , शव के अन्तिम संस्कार से संबधित सभी कागजात , मर्ग की कॉपी,, अन्तिम संस्कार करवाते समय के फोटो आप सभी को सादर प्रेषित किए जा रहे हैं

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Prakash Samsukha

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