

श्रीडूंगरगढ़ के आडसरबास में नव स्थापित आशीर्वाद बालाजी मंदिर प्रांगण में धर्म प्रेमी सत्संगी श्री जगदीश प्रसाद गुरावा परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा सुनाते हुए जन-जन में सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करने वाले युवा संत भाई संतोष सागर ने कहा कि इसमें तनिक भी संशय करने की आवश्यकता नहीं है कि कलिकाल में भगवद् प्राप्ति कठिन है। कलियुग में भगवान थोड़े से प्रयास से मिल जाते हैं। हृदय की अतल गहराइयों से पुकार रहे तो भगवान को आना ही पड़ता है। कितने भक्तों के उदाहरण हमारे सामने रहे हैं। आपने कहा कि इस युग में हम समूचे दिन दुश्चिंताओं में डूबे रहते हैं किन्तु यह चिंता तनिक भी नहीं करते कि जीवन का पल पल व्यर्थ गुजर रहा है।
जिस बात की चिंता करनी चाहिए, वह नहीं करते। दुनिया के सारे कार्य मजबूरी के हैं, पर भगवान को भजने के लिए किसी मजबूरी का इंतजार करेंगे क्या? आज की कथा में भगवान के भक्त ध्रुव, प्रहलाद, गजेन्द्र, अजामिल आदि कथा सुनाई गई। भागवत के दसवें स्कंध में भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्य की कथा सुनाई गई।
कृष्ण जन्मोत्सव को यहां भरपूर उमंग के साथ मनाया गया। दयाल गुरावा विनोद सम्पत गुरावा ने बताया कि कथा के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष मानमल शर्मा, महावीर अड़ावलिया, श्याम पुरोहित, रजत आसोपा, वरिष्ठ पत्रकार महावीर सारस्वत का सम्मान किया गया। श्रोताओं बहुतकी बहुत बड़ी संख्या रहतीं हैं। कृष्ण जन्म पर उपस्थित भक्तों ने उत्सुकता पूर्वक उत्सव मनाया। कृष्ण जन्म उत्सव पर बच्चों को विभिन्न प्रकार के खिलोने वितरित किए गये। हाथों घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की जय घोष से पांडाल गुज उठा।कथा में आरती के पश्चात प्रति दिन प्रसाद वितरण किया जाता है। ।आज कृष्ण जन्म पर पंजीरी का प्रसाद बनाया गया।जगदीश प्रसाद गुरावा परिवार द्वारा भव्य मूर्तियां लगाने व श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराने पर आभार व्यक्त कर रहे हैं। विनोद गुरावा परिवार टीम भक्तो की सेवा के लिए सदा तत्पर रहती है।



























