














बीकानेर 29 जून। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के आचार्य जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी व साध्वीवृंद के सान्निध्य में शनिवार को शिवबाड़ी के श्री गंगेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर में शनिवार को भक्ति संगीत के साथ जिन बिम्बों की पूजाएं हुई। भगवान पार्श्वनाथ के दीक्षा कल्याणक व जलयात्रा विधान के उपलक्ष में (वरघोड़ा) शोभायात्रा निकली। गाजे बाजे से निकली शोभायात्रा में बीकानेर के साथ देश के विभिन्न इलाकों से आए श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुई।
रविवार को सुबह शुभ लग्नांश वेला में परमतारक परमात्मा, गणधर, दादा गुरुदेव, सह देव-देवी की मंगलमय प्रतिष्ठा, सुवर्ण कलश, शिखरोपरि ध्वजारेहण, तोरण स्थापना, माणक स्तंभारोपण, अभिनंदन समारोह व गुरुदेव की महामांगलिक तथा फले चुंदड़ी उत्सव होगा। सोमवार को सुबह मंदिर के द्वार का उद्घाटन,सतर भेदी पूजा, दादा गुरुदेव की बड़ी पूजा होगी। शाम को प्रभु भक्ति में ब्यावर के अरिहंत कांकरिया भजन प्रस्तुत करेंगे।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ, श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट, श्री पार्श्वनाथ जिन मंदिर जीर्णोंद्धार समिति व अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव समिति व जिनेश्वर युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव में आचार्यश्री, मुनिवृंद व साध्वीवृंद सुप्रसिद्ध विधिकारक शासन रत्न बाबूलाल मनोजकुमार हरण के नेतृत्व में जिन प्रतिमाओं की अंजनशलाका व प्रतिष्ठा होगी।
श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के अध्यक्ष राय सिंह खजांची ने बताया कि शनिवार को देव-देवी पूजन, हवन, परिकर विधान, प्रतिष्ठा संबंधी चढ़ावें, अधिवास, अंजनशलाका, केवलज्ञज्ञन-निर्वाण कल्याणक सह अंजन के बाद प्रथम दर्शन, श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव महापूजन तथा शाम को उज्जैन से आए श्री पार्श्वकला मंडल के दो दर्जन कलाकारों की टीम ने भगवान पार्श्वनाथ के जीवन आदर्शों पर आधारित नाटक की प्रस्तुति दी।















