बीकानेर गर्मी के मौसम में लाइट का जाना एक तरह का सजा देना की तरह हो जाता है लोगों के इनवर्टर आदि उपकरण भी फेल हो गए थे कल हुआ ऐसा की जस्सूसर गेट के बाहर रांकावत भवन के पास ट्रांसफार्मर की केबल फाल्ट होने के कारण करीबन 12 घंटे लाइट दुरस्त हो पाई थी बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि पूगल फांटा ट्रांसफार्मर की केबल जो रांकावत भवन के पास के ट्रांसफार्मर की तरफ केबल जा रही थी उसके बीच में जो नाला पड़ता है उसकी सफाई के लिए नगर निगम की जेसीबी ने नाले के अंदर की सफाई की तब उसके नीचे से जारी केबलों को ले उठी थी उससे केबल कट हो गई और जल गई नगर निगम की जेसीबी वहां से बीना बताएं निकल गई ।
बिजली विभाग से मोहल्ले वासियों ने संपर्क करना चाहा और उन्होंने मोबाइल से कंप्लेंट बुक कराई तब उनको यही कहा गया की 2 घंटे में आपका लाइट आ जाएगी मगर वह यह भी नहीं बता पा रहे थे कि क्या कारण है और यह कंप्यूटराइज सिस्टम होने के कारण लोगों को काफी बहुत परेशानी हुई।
फोन मिलाने पर एक दबाओ दो दबाओ के नबर लगाओ ऐसे करो वैसे करो सिस्टम ने लोगों को परेशान कर दिया बीकानेर लाइव से लोगों ने संपर्क किया तब बीकानेर लाइव भी अधिकारियों से बात करनी चाहिए मगर वह भी कारण नहीं बता पाएं थे उन्होंने बताया कार्य चल रहा है दो-तीन घंटा में लाइट आ सकती है।
मौके पर कमल साध एडवोकेट द्वारा मौके पर डी- 4 के दीपक मिश्रा जी को बुलाया उन्हें अवगत कराया की यहा के मोहल्ले वासी लगभग पांच घंटो से बिजली जाने से परेशान हे यदि समय पर फाल्ट सही नही हुआ तो मोहल्ले वाले मिलकर रोड जाम करेंगे । तब दीपक मिश्रा ने आश्वासन दिया की एक घंटे में बिजली में आए फाल्ट को सही कर बिजली सुचारू कर देंगे।
करीबन 2:00 बजे बीकानेर लाइव की टीम तथा मोहल्लेवासी इक्कठे हुए फिर बात की तब उन्होंने बताया कि हमें अभी यहां पर नाले के नीचे फाल्ट केबल मिला है नाले नीचे होने के कारण हम लाइन नहीं जोड़ पाएंगे इसके पास वाले खड़ा खोदकर लाइन को जोड़ा जाएगा करीबन 5:00 बजे के पास लाइट आने की संभावना है।
ऐसे में बिजली विभाग के कर्मचारी लगे थे तो रात्रि 11 बजे के पास लाइट आई विश्व कप गर्मी के कारण लोगों को परेशानी हुई । और बिजली विभाग के सिस्टम ने पूरी तरह लोगो को परेशान किया।
बिजली विभाग के ऐसे सिस्टम में आपात स्थिति में भी संपर्क नहीं हो पता है बहुत से लोगों ने इस पर आवाज उठाई है मगर प्रशासन सरकार और विधायक,मंत्री इस पर ध्यान नहीं देते हैं।
यह हाल जल विभाग का भी है। कहीं पर पानी बह रहा हो तो उनसे संपर्क करने के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर नहीं है।

















