Bikaner Live

भगवान पार्श्वनाथ के 2800वें  निर्वाण कल्याणक पर 8 दिवसीय
कार्यक्रम 9 से


बीकानेर, 7 अगस्त। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के आचार्यश्री जिन पीयूष सागर सूरिश्वरजी के सान्निध्य में जैन धर्म 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के 2800वें निर्वाण कल्याणक पर 8 दिवसीय कार्यक्रम 9 अगस्त से 16 अगस्त तक आयोजित किए जाएंगे। इस बार जैन समाज का शिवबाड़ी का मेला सावन सुदी 8 मंगलवार 13 अगस्त को होगा।
श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट एवं श्री जिनेश्वर युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में सकल श्रीसंघ के सहयोग से भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण कल्याणक पर पहली बार बड़े पैमाने पर विविध कार्यक्रम हो रहे है। श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के मंत्री रतन लाल नाहटा व श्री जिनेश्वर युवक परिषद के अध्यक्ष संदीप मुसरफ ने बताया कि 9 अगस्त शुक्रवार को 2800 किलो मिठाई का वितरण बड़ा बाजार, गंगाशहर गोल मंदिर, कोटगेट, महावीर भवन, शिवबाड़ी में किया जाएगा। सामूहिक एकासना डागा, सेठिया पारख मोहल्ला के महावीर भवन में व भक्ति का कार्यक्रम भीनासर के पार्श्वनाथ मंदिर में होगा।
श्री जिनेश्वर युवक परिषद के मंत्री मनीष नाहटा ने बताया कि शनिवार 19 अगस्त को जीव दया के तहत गौशाला में चारा,पक्षियों को दाना पानी व चीटियों को कीड़ी नगरा की सेवा की जाएगी। मछली आदि जीवों को छुड़वाया जाएगा। अपना घर आश्रम, वृद्धाश्रम में नर सेवा नारायण सेवा के तहत मानव सेवा कार्य किया जाएगा। सामूहिक सामयिक प्रवचन पांडाल में होगी तथा कोचरों के चौक के पंच मंदिर में भक्ति का आयोजन शाम को होगा। रविवार 11 अगस्त को को ढढ्ढा कोटड़ी में चिकित्सा शिविर, ढढ्ढा चौक के प्रवचन पांडाल में सांक्ष्ी, फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता व गंगाशहर के गोल मंदिर में भक्ति संध का आयोजन होगा। सोमवार 12 अगस्त को सरकारी व निजी स्कूलों में चित्रकला प्रतियोगिता होगी तथा सरकारी स्कूलों में बच्चों को नोट बुक आदि शिक्षण सामग्री वितरित की जाएगी।  ढढ्ढा चौक में 108 पार्श्वनाथ भक्ति भाव यात्रा व निर्वाण आरती होगी।
मंगलवार 13 अगस्त को आचार्यश्री, मुनिवृंद व साध्वीवृंद के सान्निध्य में शिवबाड़ी के गंगेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर में एकासना, निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाएगा। भगवान पार्श्वनाथ की पूजा स्तुति व मेले का आयोजन होगा। भगवान की सवारी निकाली जाएगी। प्रत्येक जैन समाज के घरों में 5-5 दीपक रोशन किए जाएंगे। शहर के प्रमुख स्थानों पर 3000 टी शर्ट का वितरण किया जाएगा। शाम को भक्ति संध्या का आयोजन गोगागेट क्षेत्र की गौड़ी पार्श्वनाथ में होगा। बुधवार 14 अगस्त को प्रवचन पांडाल में निबंध व एक मिनट प्रतियोगिता तथा नाहटा चौक के प्राचीन भगवान आदिनाथ मंदिर में भक्ति संगीत संध्या का आयोजन होगा। गुरुवार 16 अगस्त को रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में गवली प्रतियोगिता, बैगानी चौक के श्री चंदा प्रभु मंदिर में 18 अभिषेक व उव्वसर्हगहम तथा शाम को कोचरों की दादाबाड़ी में भक्ति संध्या का आयोजन होगा। शुक्रवार 16 अगस्त को नाहटा चौक के भगवान आदिनाथ मंदिर में जैन थुई अभिषेक व बैदों के भगवान महावीर स्वामी मंदिर में भक्ति का आयोजन होगा। बीकानेर के सभी जैन मंदिरों में रोशनी की सजावट की जाएगी तथा बीकानेर के भगवान पार्श्वनाथ के मंदिरों में विशेष अंगी रचना की जाएगी।

श्री 45 आगम तप में विपाक सूत्र की आराधना
आचार्य श्री के सानिध्य में बुधवार को ढढ्ढा चौक की आगम वाटिका में 11 वें आगम विपाक सूत्र की आराधना मंत्र जाप के साथ की गई। गुरुवार को औपपातिक सूत्र सूत्र की वंदना की जाएगी।  आचार्य श्री ने धर्म चर्चा में बताया कि दो स्कंधों के विपाक सूत्र को अगमोवत नाम विवाग सुयम के नाम से भी जाना जाता है।  इसके प्रथम अध्ययन में मृगापुत्र का अधिकार है, जिसमें प्रजा के प्रति असह्य कर लगाकर प्रजा को पीड़ित करने के बाद भवान्तर में इन पाप कर्मों का कैस भयावह परिणाम आता है, जिसमें अंत में मृगापुत्र के रूप् में जन्म लेते हैं तथा असह्य पीड़ा से ग्रसित रहते है। प्रभु के पास सुनकर उन्हें देखने के लिए गौतम स्वामी भी वहां पहुंचते है। यह आगम वर्तमान के शासन-प्रशासन को इस पाप कर्म से बचने का संदेश देता है। दूसरे सुख विपाक श्रुत स्कंध के 10 अध्ययनों में मुख्यतया दानधर्म की महिमा का गान किया गया है। दूसरे भद्रनंदी अध्ययन में युगबाहु तीर्थंकर को दान देने का वर्णन है। इस सूत्र के 9216000 पद व उसके श्लोक है।

बाल तपस्वी का अभिनंदन

आचार्यश्री जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी, मुनि-साध्वी वृंद, श्रावक-श्राविकाओं के चतुर्विद संघ की साक्षी में 8 दिन की तपस्या करने वाले बालक अर्हम सिपानी पुत्र गौतम रश्मि सिपानी,पौत्र सरोज-लीलम सिपानी का अभिनंदन श्री जिनेश्वर युवक परिषद के संरक्षक नरेन्द्र मनु मुसरफ, अध्यक्ष संदीप मुसरफ व मनीष बोथरा ने किया । अर्हम सिपानी शोभायात्रा के साथ भगवान नेमिनाथ सहित विभिन्न जिनालयों में दर्शन वंदन करते हुए ढढ्ढा चौक में प्रवचन पांडाल में पहुंचा था। बाल तपस्वियों अर्हम व विराज सिपानी के पड़दादा बीकानेर में अनेक मंदिरों व दादाबाड़ियों का जीर्णोंद्धार करवाने वाले सुश्रावक उहनुमानमल सिपानी का भी स्मरण करते हुए बच्चों की तपस्या तथा सुश्रावक कन्हैयालाल भुगड़ी के 17 दिन की तपस्या की अनुमोदना की गई। बुधवार को प्रभावना का लाभ सूरत, मुंबई प्रवासी बीकानेर निवासी नवरतन, पवन व विनीत पारख ने लिया।
तीन त्रिलोकी के नाथ से प्रेम करें
आचार्य श्री ने धर्म चर्चा में कहा कि तीन त्रिलोकी के नाथ निरंजन, निराकार जगतपति के प्रति प्रेम रखें। विश्वास व अनन्य भाव और प्रेम के बिना की गई प्रभु भक्ति,पूजा, साधना, आराधना व सार्थक नहीं रहती ।  विषय का विस्तार करते हुए बीकानेर के मुनि सम्यक रत्न सागर ने कहा कि हर काल व परिस्थिति में श्वासों श्वास में परमात्मा का उपकार मानते हुए उनका स्मरण करें। जड़ पदार्थों का राग हमें प्राणी मात्र के प्रति प्रेम से वंचित करता है। मन व हृदय को करुणा, दया व प्रेम से परिपूर्ण करते हुए प्राणी मात्र की रक्षा व सुरक्षा का संकल्प लें। जीवों की रक्षा का यह भाव रामबाण औषधि बन जाएगा। जगत के जीवों के प्रति प्रेम बिना, द्वेष व द्वंद से आत्म कल्याण नहीं हो सकता।
————————————- 

Picture of Gordhan Soni

Gordhan Soni

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!