
स्वतंत्रता का सम्मान करों,
स्वतंत्र सैनानियों के बलिदान को याद करों।
आजाद भारत का सम्मान करों,
आजाद भारत के क्रांतिकारियों को याद करों।
आजादी के लक्ष्य का सम्मान करों,
अमृत काल में गौरवमई परंपरा को याद करों।।
स्वतंत्रता का सम्मान करों,
स्वतंत्र सैनानियों के बलिदान को याद करों।
15 अगस्त के सूर्य का सम्मान करों,
विकास की नवीन पगडंडी पर प्रस्थान करों।
लोकतंत्र का सम्मान करों,
सकारात्मक विचारधाराओं को याद करों।।
स्वतंत्रता का सम्मान करों,
स्वतंत्र सैनानियों के बलिदान को याद करों।।
भारतीय संस्कृति का सम्मान करो,
मानवीय मूल्यपरक शिक्षा का संचार करो।
मां भारती के आदर्शों का सम्मान करो,
युगानुकुल प्रगति के पथ का निर्माण करों।।
स्वतंत्रता का सम्मान करों,
स्वतंत्र सैनानियों के बलिदान को याद करों।
समरसता का सम्मान करों,
जन-जन के मौलिक अधिकारों को याद करो।
संविधान की आत्मा का सम्मान करों,
राष्ट्रीय अखंडता के संकल्पों को याद करों।।
स्वतंत्रता का सम्मान करों,
स्वतंत्र सैनानियों के बलिदान को याद करों।
उद्योग जगत का सम्मान करो,
गांव शहर में मैन्युफैक्चरिंग हब तैयार करो।
नैतिकता का सम्मान करों,
प्रामाणिकता की नींव से अटल निर्माण करों।।
स्वतंत्रता का सम्मान करों,
स्वतंत्र सैनानियों के बलिदान को याद करों।
सम शम व श्रम का श्रृंगार करो,
सर्वांगीण विकास के सोपान को याद करों।
ऋषि-मुनियों का सम्मान करों,
सेवाभावी! तुम युगों-युगों तक राज करों।।
स्वतंत्रता का सम्मान करों,
स्वतंत्र सैनानियों के बलिदान को याद करों।
*स्वतंत्रता दिवस पर सादर समर्पित*
रचनाकार:: 7734968551
मोहनलाल भन्साली “कलाकार”
गंगाशहर, बीकानेर, राजस्थान!
दिनांक:: 06.08.2024














