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सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर बिश्नोई ने उठाया श्रमिकों के भुगतान का मुद्दा -वृक्षारोपण का श्रमिकों को नहीं मिला भुगतान

वर्ष २०२३ में किए गए वृक्षारोपण का श्रमिकों को नहीं मिला भुगतान
संभागीय मुख्य वन संरक्षक को दिया ज्ञापन
बीकानेर। बीपी १६ बीएलडी, ४ पीआरएम व १४ बीएलडी में वर्ष २०२३ में श्रमिकों से वृक्षारोपण करवा लिया गया। लेकिन श्रमिकों और अन्य विविध खर्चों का भुगतान आज तक नहीं किया गया। अब सामाजिक कार्यकर्ता और कृषि उपज मण्डी समिति, खाजूवाला के पूर्व निदेशक रामेश्वरलाल बिश्नोई के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने बुधवार को संभागीय मुख्य वन संरक्षक , वन विभाग कार्यालय में पहुंच श्रमिकों के भुगतान संबंधी मामले को उठाते हुए शीघ्र भुगतान दिलाए जाने की बात संभागीय मुख्य वन संरक्षक कीअनुपस्थिति में उनके टी ए इकबाल सिंह को ज्ञापन देकर की है। इस संबंध में दिए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत दंतौर के गांव बकड़ा एवं बीएलडी नहर के चक १६ बीएलडी, १८ बीएलडी एवं पीआरएम माईनर के चक ४ पीआरएम के श्रमिकों को रेंज दंतौर के कार्यालय परिधि क्षेत्र में वित्तिय वर्ष २०२३-२४ में वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण का कार्यक्रम करवाया गया था, जिनका भुगतान आज तक नहीं हुआ। श्रमिकों के साथ अर्थवर्क के कार्य में प्रयुक्त होने वाले साधन ट्रेक्टर, पानी के टैंकर, पीकअप गाड़ी, औगर मशीन, ट्रेंच मशीन सहित अन्य विविध खर्च के २१ लाख रुपए से अधिक का भुगतान बाकी है। इसके चलते श्रमिकों को अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई हासिल करने के लिए विभाग के चक्कर लगाने में अतिरिक्त समय के साथ श्रम और पूंजी खर्च करनी पड़ रही है। श्रमिकों की मानें तो हालात यह है कि डीएफओ मिलना तो दूर फोन उठाना भी पसंद नहीं करते हैं। यदि गलती से फोन उठा लिया जाता है तो श्रमिकों को संतोषजनक जवाब तक नहीं दिया जाता है। यहां तक कहा जा रहा है कि डीएफओ सभ्य तरीके से बात करना भी उचित नहीं समझते हैं। ऐसे में श्रमिकों पर क्या बीत रही है, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है! श्रमिकों की समस्या और पीड़ा को देखते हुए समाजसेवी एवं कृषि उपज मण्डी समिति, खाजूवाला के पूर्व निदेशक रामेश्वरलाल बिश्नोई का यह प्रयास कितना सार्थक और रंग लाता है, देखने वाली बात होगी।

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दिलीप गुप्ता

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