Bikaner Live

पर्युषण पर्व का तृतीय दिवस सामायिक दिवस के रूप में मनाया गया

3 सितंबर 2024, मंगलवार

समता की साधना का अनूठा प्रयोग-अभिनव सामायिक

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद, गंगाशहर ने जैनों के प्रमुख पर्व पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन अभिनव सामायिक का आयोजन तेरापंथ भवन में किया। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री चरितार्थ प्रभाजी , साध्वी श्री प्रांजल प्रभा जी के सान्निध्य में कुल 1345 सामायिक हुई। परिषद अध्यक्ष महावीर फलोदिया ने बताया कि अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की 358 शाखाएं पूरे देश व नेपाल मे प्रतिवर्ष पर्युषण महापर्व के दौरान अभिनव सामायिक का आयोजन करवाती है। समाज में आध्यात्मिक विकास हेतु तेरापंथ धर्म संघ के ग्यारहवें आचार्य श्री महाश्रमण जी के इंगित अनुसार हमारी संस्था समय समय पर ऐसे कार्य आगे भी करती रहेगी।

साध्वीश्री चरितार्थ प्रभा जी ने मुख्य उद्बोधन में बताया कि जैन धर्म मे सामायिक का विशेष महत्व माना जाता है। सामायिक को समता की साधना और आत्मा को निर्मल करने का महत्वपूर्ण उपक्रम बताया गया है। सामायिक में व्यक्ति 48 मिनट के लिए सारे सांसारिक कार्यो का त्याग करके आध्यात्म साधना में लीन हो जाता है। साध्वी श्री प्रांजल प्रभा जी ने यह बताया कि तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आयोजित यह अभिनव सामायिक एक विशेष प्रारूप के अनुसार सामूहिक तौर पर सुनिश्चित प्रयोग के द्वारा की जाती है तथा इस सामूहिक प्रयोग और आभामंडल के प्रभाव से हमारी आत्मा और भी ज्यादा निर्मल बनती है।

साध्वीश्री रूचि प्रभा जी ने अभिनव सामायिक के अंतर्गत त्रिपदी वंदना, त्रिगुप्ति की साधना, मंत्रों का जाप, ध्यान एवं स्वाध्याय कराया।
तेयुप मंत्री भरत गोलछा ने बताया कि साध्वीश्री प्रांजल प्रभा जी ने अपने उद्बोधन में भगवान महावीर के नयसार के भव के बारे में बताते हुए साधु सेवा का महत्व भी समझाया। अंत में कायोत्सर्ग एवं महाप्राण ध्वनि के साथ प्रयोग संपन्न किया। इस कार्यक्रम के सहप्रभारी प्रशांत छाजेड ने बताया कि इस अभिनव सामायिक में तेरापंथ सभा, महिला मंडल, युवक परिषद, किशोर मंडल, कन्या मंडल एवं विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों का सहभागिता रही।

Picture of Prakash Samsukha

Prakash Samsukha

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!