प्रदीप रामपुरिया की स्मृति में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

बीकानेर, 29 दिसम्बर। भीनासर की जवाहर विद्यापीठ के प्रमुख संस्थापक, समाज भूषण सेठ चंपालाल बांठिया की 122 वीं जन्म जयंती पर रविवार को व्याख्यान माला एवं प्रदीप कुमार रामपुरिया स्मृति पुरस्कार वितरण समारोह जवाहर विद्यापीठ के सभागार में हुआ।
मुख्य अतिथि विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर पर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है । सेठ चंपालाल बांठिया जैसे भामाशाहों को प्रदेश के शैक्षणिक विकास में सहभागी बनने से राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में देश में अग्रिम श्रेणी में आएगा। उन्होंने मुख्य वक्ता किशोर राजपुरोहित सर, प्रदीप कुमार रामपुरिया स्मृति पुरस्कार महाराजा गंगासिंह विश्व विद्यालय की स्नातकोतर की वरियता सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले हनुमानगढ़ के विपुल मितल, स्नातक स्तर वाणिज्य में सरदार शहर की नेहा बुच्चा एवं विज्ञान में नोखा की छात्रा सुमन छींपा को नकद राशि, पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया एवं संस्था के पुस्कालयाध्यक्ष मानमल सेठिया के 35 साल की सेवा के शॉल ओढ़ाकर एवं इकावन हजार रुपए का चैक देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता किशोर राजपुरोहित ’’ किशोर सर’’ ने ’’सेठ चंपालालजी बांठिया का व्यक्तित्व धार्मिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में योगदान’’ पर व्याख्यान दिया। किशोर सर ने कहा कि सेठ चंपालाल बांठिया ने अर्जन के साथ विसर्जन के महत्व को समझा और अपनी मातृभूमि के लिए अनुकरणीय कार्य किए । उन्होंने सन् 1932 में जब बालिकाओं की शिक्षा के बारे में कोई सोच ही नहीं सकता था तब उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा के लिए स्कूल खोला, जिसका उद्घाटन तत्कालीन महाराजा सार्दुल सिंह ने किया। बाद में शाला को राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग को समर्पित कर दिया गया। जो आज तक सेठ हमीर मल बांठिया राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाम से अनवरत संचालित हो रहा है । वर्ष 1953 में छात्रों के लिए अपने गुरु साधुमार्गी जैन संघ के जैनाचार्य जवाहर लाल जी की स्मृति में 50 हजार गज भूमि खरीदकर वहां जवाहर हाई स्कूल का निर्माण कराकर शिक्षा विभाग को सौंप दी। जो वर्तमान में जवाहर उच्च माध्यमिक विद्यालय के अलावा अंग्रेजी माध्यम की उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रूप् में संचालित हो रहा है। महाविद्यालय खोलने में पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ.बी.डी.कल्ला ने सराहनीय प्रयास किया।
उन्होंने बताया कि स्वर्गीय बांठिया ने जैनाचार्य जवाहर लाल जी की अनन्य सेवा की। स्वर्गीय बांठिया ने आचार्यश्री की स्मृति में भीनासर में एक ओर संस्था खोलने का प्रस्ताव समाज के समक्ष रखा और दिनांक 29 अप्रेल 1944 को श्री जवाहर विद्यापीठ के रूप में मूर्त रूप दिया। धार्मिक एवं शैक्षणिक कार्यों में अनुकरणीय कार्य करने वाले सेठ चंपालाल बांठिया को सरकार की ओर से पद्मश्री अवार्ड देकर सम्मानित करना चाहिए।
मुख्य अतिथि विधायक जेठानंद व्यास, संस्था के ट्रस्टी जयचंद लाल डागा व श्री जैन पाठशाला सभा के अध्यक्ष विजय कुमार कोचर ने सेठजी द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की। स्वागत भाषण संस्था अध्यक्ष राजकरण पूगलिया ने दिया तथा संस्था का परिचय महामंत्री लूणकरण सुराणा ने दिया। समारोह संयोजक सुमति लाल बांठिया ने राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर का नाम, आचार्यश्री जवाहर स्नातकोत्तर महाविद्यालय भीनासर करने की मांग की। अतिथियों व गणमान्य नागरिकों ने सेठ चंपालाल बांठिया को श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि दी।



























