बीकानेर, 24 जनवरी। जैनाचार्य जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी महाराज शुक्रवार को 8 सहवृति मुनियों के साथ बीकानेर से 14.5 किलोमीटर माईल स्टोन उदयरामसर पर बने नवनिर्मित सेठ थानमल नेमी देवी विहार धाम पहुंचें। बीकानेर, गंगाशहर, भीनासर, उदयरामसर के अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने जैनाचार्य व मुनिवृंद का वंदन अभिनंदन किया। सुगनजी महाराज के उपासरे से साध्वीश्री विजयप्रभा, साध्वी प्रभंजनाश्रीजी व चिद्यशाश्रीजी आदि ठाणा शनिवार को विहार धाम पहुचेंगे।
सेठ थानमल नेमीदेवी विहार धाम में भगवान पार्श्वनाथ की सफेद संगमरमर की 17 इंच की, गणधर गौतम स्वामी व दादा कुशल गुरुदेव की 11-11 इंच की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। सुश्राविका नेमीदेवी बोथरा ने बताया कि शनिवार को सुबह आठ बजे श्रेष्ठी चंपालाल पन्ना देवी बोथरा प्रवेश द्वार का उद्घाटन होगा। उसके बाद स्नात्र पूजा, कुंभ स्थापना, दीपक स्थापना, ज्वारा रोपण, वेदिका पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, दोपहर ढाई बजे प्रतिमाओं का 18 अभिषेक व शाम छह बजे एक शाम प्रभु के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
रविवार को सुबह सवा नौ बजे स्नात्र पूजा, प्रभु पार्श्वनाथ, गणधर गौतम स्वामी, दादा गुरुदेव की प्रभावकारी प्रतिमा की प्रतिष्ठा के बाद सेठ थानमल नेमीदेवी विहार धाम का लोकार्पण , प्रवचन व महामांगलिक व स्वामी वात्सल्य का आयोजन होगा। विधिकारक सिरोही के मनोज कुमार बाबूमल हरण, नागदा मध्यप्रदेश के गौरव जैन व संगीतकार घाणेराव की गोविंद एण्ड पार्टी होगी।
शनिवार को जैनाचार्य व मुनिवृंद के सेठ थानमल नेमीदेवी विहार धाम पहुंचने पर उदयरामसर के वरिष्ठ श्राविका नेमीदेवी बोथरा व उनके परिजनों, वरिष्ठ श्रावक राजेन्द्र बोथरा, लहर चंद बोथरा, सुन्दर लाल, सुशील, सुरेश व नरेश भंडारी, रतन पारख, सौरभ बोथरा, पन्नालाल बोथरा, प्रकाश सेठिया, नरेन्द्र सांड सहित अनेक श्रावक-श्राविकाओं,उदयरामसर के भगवान कुंथुंनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर के पदाधिकारियों ने स्वागत वंदन किया।
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उदासर के श्री सुपार्श्वनाथ जैन मंदिर में वार्षिक ध्वजारोहण आज
बीकानेर, 24 जनवरी। श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के तत्वावधान में उदासर के भगवान श्री सुपार्श्वनाथ जैन मंदिर की 150 वीं वर्षगांठ पर शनिवार को पूजा, वार्षिक ध्वजारोहण सहित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा ने बताया कि भगवान सुपार्श्वनाथ मंदिर में सुबह सात बजे स्नात्र पूजा, साढ़े नौ बजे सत्रह भेदी पूजा, तत्पपश्चात ध्वजारोहण व स्वधर्मी वात्सल्य का आयोजन होगा। श्रावक-श्राविकाओं को उदासर ले जाने व वापस लाने के लिए रांगड़ी चौक से वाहन व्यवस्था की गई है।
चलो जिनाचलय चलें- कल
रविवार 26 जनवरी को सुबह साढे सात बजे पुरानी जेल के पास से ’’ चलो जिनालय चलें’’ अभियान के तहत श्रावक-श्राविकाओं, बालक-बालिकाओं का दल बीकानेर के 16 जिनालयों के दर्शन वंदन करने के लिए रवाना होगा। आयोजन से जुड़े पवन खजांची व विमल कोचर ने बताया कि भीनासर, उदयरामसर, शिवबाड़ी, उदासर, नाल के एक साथ 16 जिनालयों के दर्शन वंदन जिसमें बीकानेर के पंचतीर्थ, नूतन जिनालय व जीर्णोंद्धार के दर्शन व सामूहिक यात्रा के साथ जैनाचार्य, मुनि व साध्वीवृंद के दर्शन वंदन का लाभ श्रावक-श्राविकाओं को दिलाया जाएगा। सामूहिक यात्रा दल शाम 4-5 बजे वापस बीकानेर पहुंचेगा।
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