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पीले वस्त्रों में पीले फुलों से पिला प्रसाद से माँ शारदा के पूजन, मांगा विद्या व बुद्धि का वरदान
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ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि।मां सरस्वती का जन्म बसंत पंचमी के दिन हुआ था, इसलिए हर वर्ष इस दिन उनकी विधिपूर्वक पूजा की जाती है। लोग इस अवसर पर विद्या, कला, संगीत और बुद्धि के वरदान के लिए मां सरस्वती की पूजा और अनुष्ठान करते हैं। सरस्वती मां को ज्ञान, बुद्धि, विवेक और कला-संगीत की जननी माना जाता है। मां सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि में वृद्धि होती है और विवेक जागृत होता है।

उनकी विधिपूर्वक पूजा से व्यक्ति को समाज में कला और संगीत के माध्यम से मान-सम्मान प्राप्त होता है। ज्ञान की देवी को खुश करने के लिए इस खास दिन पर कुछ चीजों का दान भी करना चाहिए। वसंत पंचमी पर पढ़ाई-लिखाई से जुड़ीं चीजें दान करनी चाहिए। इससे किसी भी व्यक्ति के करियर में काफी उन्नति प्राप्त होती है। जरूरतमंद बच्चों को पेंसिल, किताबें और पेन दान में देना शुभ माना जाता है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं।

एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा:

“सभी देशवासियों को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं।”

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दिलीप गुप्ता

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