
पूजा अर्चना हवन के बाद कंजक पूजन एवं महानवमी उत्सव का आयोजन
27 मार्च बीकानेर श्री गुरु अर्जुन दास सत्संग भवन एवं श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति द्वारा हर वर्ष की भांति इस बार भी कंजक पूजन एवं महानवमी बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाई गई। सुबह दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया इसके पश्चात खीर, पूरी, हलवा, चना व फल का मां भगवती को भोग लगाकर कन्याओं का पूजन कर उन्हें खिलाया गया व श्रृंगार का सामान, फल, दक्षिणा भेंट दी गई। समिति द्वारा सेवाएं अभिषेक गुप्ता, उषा गुप्ता, वैभव, हिमांशी, बसंत किराडू द्वारा दी गई।
श्री गुरु अर्जुन दास जी द्वारा कहा गया कि “शक्ति वेसे तो रोज की साधना है,और आराधना का प्रतीक यह नवरात्रि पर्व आप सभी के जीवन को साहस, संयम और सामर्थ्य से परिपूर्ण करे। देवी माँ या निर्मल चेतना स्वयं को सभी रूपों में प्रत्यक्ष करती हैं, और सभी नाम ग्रहण करती हैं। माँ दुर्गा के नौ रूप और हर नाम में एक दैवीय शक्ति को पहचानना ही नवरात्रि मनाना है। असीम आनन्द और हर्षोल्लास के नौ दिनों का उचित समापन बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक महिषासुर राक्षस पर मां दुर्गा की जीत और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है योग माया इन दिनों अलग अलग स्वरुपों की पुजा होती है जो ऊर्जा और शक्ति का आह्वान है। नवरात्रि वैसे तो वर्ष में चार बार आते हैं किंतु दो ज्यादा प्रचलन में है, जो कि श्री राम और कृष्णा से जुड़े हुए हैं।”















