Bikaner Live

बीकानेर में पहली बार आयोजित होगा ‘चिल्ड्रन फेस्टिवल- आजू गूजा’जिला प्रशासन, नगर निगम एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण की पहलरेलवे ग्राउंड में 22 और 23 फरवरी को होगा आयोजन
soni

बीकानेर में पहली बार आयोजित होगा ‘चिल्ड्रन फेस्टिवल- आजू गूजा’
जिला प्रशासन, नगर निगम एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण की पहल
रेलवे ग्राउंड में 22 और 23 फरवरी को होगा आयोजन

बीकानेर, 18 फरवरी। बीकानेर के तीन से चौदह साल तक के बच्चों के लिए पहली बार भव्य चिल्ड्रन फेस्टिवल ‘आजू गूजा’ का आयोजन किया जाएगा। यह फेस्टिवल 22 और 23 फरवरी को रेलवे ग्राउंड में आयोजित होगा।
जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की पहल पर आयोजित हो रहे इस अनूठे फेस्टिवल में देश भर से बच्चों के लिए थिएटर, चित्रकला, माइम, पॉटरी मेकिंग, ऑरिगेमी, कठपुतली, जादूगर, म्यूजिक एवं नृत्य के अलावा 50 से अधिक परफार्मिंग आर्टिस्ट बीकानेर आएंगे।

बच्चों के लिए बुक फेयर रहेगा मुख्य आकर्षण
नगर निगम आयुक्त श्री मयंक मनीष ने बताया कि छोटे बच्चों के लिए विशेष पुस्तकों का प्रकाशन करने वाले प्रमुख प्रकाशक फेस्टिवल में भागीदारी निभाएंगे। इसके लिए उन्हें आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम, नेशनल बुक ट्रस्ट, एकलव्य, अमर चित्र कथा, आदिदेव, राजकमिक्स, कॉलास्टिक सहित अनेक प्रकाशक तीन हजार से ज्यादा शीर्षक की किताबें लाएंगे। बच्चों के पढ़ने के लिए रीडिंग कार्नर भी बनाया जाएगा।

तीस से ज्यादा कार्यशालाओं में बच्चे सीखेंगे खेल, म्यूजिक और क्राफ्ट
दो दिन चलने वाले इस फेस्टिवल में बच्चों के लिए कला, चित्रकला, हेंडीक्राफ्ट, स्पोर्ट्स, ड्रम सर्किल, ग्रुप डांस, डूडल आर्ट, इंस्टालेशन, ओरिगेमी, म्यूजिक सर्किल, पपेट थिएटर, माइम आर्ट, स्टोरी टेलिंग, ऑथर इंटरेक्शन, दादी नानी की कहानियां, कैलीग्राफी, लोक कथाएं, लोक कहानियां, पोटरी मेकिंग, चारपाई मेकिंग, चरखा बुनना, फन विथ साइंस, डू इट योरसेल्फ के अलावा अनेक रचनात्मक गतिविधियों की कार्यशालाएं आयोजित होंगी। इसके लिए दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, जोधपुर सहित अन्य स्थानों से विशेषज्ञ आएंगे।

फेलकॉन्स ऑफ़ राजस्थान की होगी विशेष प्रस्तुति
आयुक्त ने बताया कि सुबह 10 से शाम 6 बजे तक चलने वाले इस फेस्टिवल में दिन भर डांस और म्यूजिक की प्रस्तुतियां भी होगी. जैसलमेर के 15 बच्चों का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें 6 से 15 साल तक के कलाकार खरताल, मोरचंग, ढोलक, खामायचा, बीन के साथ अपना गायन प्रस्तुत करेंगे। फेस्टिवल में आने वाले बच्चे भी इन कलाकारों से खरताल बजाना सीखेंगे।

तीन से 14 साल तक के बच्चों की ही होगी एंट्री
फेस्टिवल में माता-पिता या अभिभावक बच्चों के साथ ही प्रवेश ले सकेंगे। वयस्कों को अलग से प्रवेश नहीं मिलेगा। यह फेस्टिवल 3-14 साल तक के बच्चों के लिए ही आयोजित किया जा रहा है। इसलिए वयस्क, माता पिता या अभिभावक बच्चों के साथ ही प्रवेश कर पाएंगे। स्कूल की ओर से आने वाले बच्चों की एंट्री की व्यवस्था अलग से रहेगी।

फेस्टिवल में रहेंगी हेल्थी फूड स्टाल्स
बीकानेर विकास प्राधिकरण आयुक्त अपर्णा गुप्ता ने बताया कि फेस्टिवल में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि बच्चों के खाने के लिए किसी भी तरह के प्रोसेस्ड पिज़्ज़ा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक इत्यादि जंक फ़ूड को प्रमोट नहीं किया जायेगा. बाजरे और मिलेट से बनी घरेलू और पौष्टिक खाने की चीज़ों की स्टाल्स बच्चों के लिए उपलब्ध रहेगी। वहीँ पीने के लिए निम्बू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थों का भी इंतज़ाम रहेगा।

रेलवे ग्राउंड को कार्निवल की तरह दिया जायेगा विशेष लुक

फेस्टिवल के सह आयोजक मलंग फोक फाउंडेशन की प्रोजेक्ट डायरेक्टर निकिता तिवारी ने बताया कि फेस्टिवल की पूरी सजावट की थीम बच्चों के मनोरंजन और उनकी रचनात्मकता को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन की गयी है. पूरे स्टेडियम को रंग बिरंगे इंस्टालेशन से तैयार किया जायेगा ताकि बच्चों के मनोरंजन और उनकी कल्पनाशीलता को और निखरने का मौका मिले.

Picture of Prakash Samsukha

Prakash Samsukha

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!