
01 जुलाई 2005 को बीकानेर की तरफ आया था धूल का गुब्बार और संयोग से 20 साल बाद कल 1 जुलाई 2025 को मिलता जुलता गुब्बार फिर आया।
2005 के बाद जन्म लेने वाले युवाओं को बताना चाहता हूं कि यह फोटो दुनिया का पहला फोटो था जो 180 डिग्री पैनोरमा जिस वक्त हुआ नहीं करता था उस वक्त मैंने यह फोटो लिया था। यह फोटो राजस्थान पत्रिका के देश के सभी संस्करण में हर शहर में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था।
आज ही के दिन 02 जुलाई 2005 को फोटो छपने के बाद देश के अनेक शहरों से मुझे जो जानते भी नहीं उन लोगों के फोन आने शुरू हो गए थे। उस समय मोबाइल का इतना प्रचलन नहीं था इस कारण से बहुत सारे लोगों ने बधाई पत्र लिखकर मुझे पर्सनल पत्रिका कार्यालय भेजा था ।
आपको बता दूं की संभवत: यह दुनिया का पहला एक ऐसा फोटो है जिसे मलेशिया में एशिया का सबसे बड़ा इफरा एशिया अवार्ड अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल पुरस्कार सहित, दिल्ली में दो अवार्ड, मुंबई में एक, इलाहाबाद में एक, सहित राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार सहित 7 अवार्ड मिले हैं जो शायद ही किसी एक फोटो को मिला होगा और ₹100000 के लगभग नगद राशि भी विभिन्न पुरस्कारों से प्राप्त हुई है जिसमें राजस्थान पत्रिका ने भी ₹21000 का चेक प्रदान किया था।
यह तब तब ही संभव था जब राजस्थान पत्रिका ने इसको प्रमुखता से स्थान दिया था।
यह फोटो दुनिया की बहुत सारी मैगजीन, न्यूज़पेपर में प्रमुखता से मेरे इंटरव्यू सहित प्रकाशित हुई है।
मैं उन सभी चाहने वाले दोस्तों का आभारी हूं जिन्होंने इतना मान सम्मान दिया।
अज़ीज़ भुट्टा, फोटोजर्नलिस्ट,
बीकानेर 9829966023













