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सकारात्मक सोच, विचार व चिंतन करें-गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर

बीकानेर, 04 सितम्बर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर म.सा. ने बीकानेर की रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में गुरुवार को चातुर्मासिक प्रवचन में कहा कि सकारात्मक सोच व आशावादी दृष्टिकोण से हर परिस्थिति में खुशी और उम्मीद जगी रहती हे। जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सकारात्मक सोच, विचार व चिंतन मजबूत मानसिक दृष्टिकोण प्रदान करता है। व्यक्ति की जीवन शैली, नजरिए में बदलाव आता है और सफलता के नए द्वार खुलते है।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए जीवन में छोटी-छोटी बातों में खुशी को ढूंढें तथा निराशा को दूर भगाएं। अपने विचारों और कार्य प्रणाली को सकारात्मक बनाएं और जीवन को एक नए नजरिए से देखे। तनाव और नकारात्मक भावनाओं से उबरने के लिए खुद को उत्साहित रखें व सकारात्मक सोच को अपनाएं । आत्म नियंत्रण रखते हुए अपनी मानसिक अवस्था को नियंत्रित करें और सकारात्मक लक्ष्यों की ओर बढ़े। परिस्थितियों को स्वीकार करते हुए लोगों और परिस्थितियों को बदलने की कोशिश की बजाए स्वयं में बदलाव लाएं और जो उचित हो वही करें। दूसरों से अपेक्षाएं रखने की बजाए अपने कर्तव्यों पर ध्यान केन्द्रित करने से अधिक खुशी मिलती है। सकारात्मक सोच सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हुए बाधाओं को समाप्त करती है। जीवन में उत्साह और उमंग भरती है, जिससे व्यक्ति अधिक खुश और संतुष्ट रहता है।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच, चिंतन व विचार से तनाव, चिंता और असंतोष जैसी नकारात्मक भावनाओं से लड़ने में मदद करती है। आत्म विश्वास को बढता है और व्यक्ति को अधिक सक्षम महसूस करता है। सकारात्मक सोच व विचारों को विकसित करने के लिए नकारात्मक विचारों पर ध्यान न दें और उन्हें खत्म करने का प्रयास करें। छोटी सफलताओं से उत्साहित हो और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं। अपने आस पास के लोगों और अपनी आदतों पर ध्यान दें। अपने जीवन में सकारात्मक और प्रेरक विचारों को शामिल करें। सकारात्मक सोच के आने से नकारात्मक सोच अपने आप समाप्त हो जाएगी। श्रावक-श्राविकाएं, मुनि व साध्वीवृंद पर बहुत उपकार करते है। सम्मान व त्याग की भावना से आहार का दान कर अपने पुण्य को संचय करते है। साधु-साध्वी म.सा. श्रावक-श्राविकाओं के उपकार को जिनवाणी का श्रवण करवाकर करते है। जिनवाणी-प्रवचन का एक भी अंश आत्मसात करने से जीवन व भव सुधर सकता है।
उदयरामसर में भक्ति संगीत संध्या 6 व मेला 7 को
गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर, व मीत प्रभ सागर, साध्वीश्री दीपमाला व शंख निधि श्रीजी के सान्निध्य में श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के तत्वावधान में 6 सितम्बर को उदयरामसर की दादाबाड़ी में भक्ति संगीत संध्या व 7 सितम्बर को पूजा, प्रसाद व मेले का आयोजन होगा। गुरु युवा जागृति परिषद की ओर से 6 सितम्बर को शाम सवा सात बजे ’’ एक शाम दादा जिन दत्त सूरि गुरुदेव के नाम’’ में फरीदाबाद हरियाणा के आकाश अरोड़ा, सारेगामा फैम दिल्ली के रितिक गुप्ता व बीकानेर के सुप्रसिद्ध गायक मगन कोचर भजन प्रस्तुत करेंगे। आयोजन से जुड़े श्रीपाल नाहटा, पीयूष नाहटा, प्रमोद गुलगुलिया व पुनेश मुसरफ ने बताया कि श्रद्धालुओं को उदयरामसर ले जाने के लिए शाम पौने सात बजे से सवा सात बजे तक पुरानी जेल रोड के आर्य समाज स्कूल के पास व गंगाशहर के गोल मंदिर के पास बस की व्यवस्था रहेगी।
गणिवर्य, मुनि व साध्वीवृंद 6 को उदयरामसर जाएंगे
गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर, मीत प्रभ सागर व साध्वी श्री दीपमाला, शंख निधि श्रीजी म.सा. शनिवार को सुबह पांच बजे उदयरामसर के लिए पैदल विहार करेंगे। श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा ने बताया कि गणिवर्य, मुनि व साध्वीवृंद का प्रवास 7 को उदयरामसर दादाबाड़ी में रहेगा। उनके सान्निध्य में 7 सितम्बर रविवार को दोपहर दादा गुरुदेव की भक्ति संगीत के साथ बड़ी पूजा व उसके बाद प्रसाद का आयोजन होगा।

ढढ्ढा कोटड़ी मे ंप्रवचन नहीं
श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट व अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद की बीकानेर इकाई ओर से क्षमा कल्याण वाटिका ढढ्ढा कोटड़ी में आगामी दिनों तक प्रवचन नहीं होगे। अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद की बीकानेर इकाई के अध्यक्ष अनिल सुराणा ने बताया कि शुक्रवार को सुबह नौ से दस बजे तक रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में प्रवचन होंगे। शनिवार व रविवार को गणिवर्य व मुनिवृंद, साध्वीवृंद के उदयरामसर जाने के कारण प्रवचन नहीं होंगे। ढढ्ढा कोटड़ी में मुख्य मंच के पीछे का एक हिस्सा वर्षात से ढह जाने के कारण शुक्रवार को प्रवचन सुगनजी महाराज के उपासरे में होंगे। संगठन के प्रचार प्रसार मंत्री धवल नाहटा ने बताया कि शनिवार को श्राविकाओं का व रविवार को बच्चों का शिविर भी उदयरामसर मेले के कारण नहीं होगा। आगामी शिविर 13 व 14 सितम्बर को होंगे।
साध्वी सुलक्षणाश्रीजी के संथारा पूर्ण होने पर जाप
गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर , मुनि व साध्वीवृंद के नेतृत्व में गुरुवार को रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में साध्वी सुलक्षणा श्रीजी के संथारा पूर्ण होने पर नवकार मंत्र का जाप कर उनकी आत्म शांति की प्रार्थना की गई। खरतरगच्छ युवा परिषद के अभिषेक डागा ने बताया कि गच्छ गणिनी गुरुवर्या सुलोचना श्रीजी की सुशिष्या सुलक्षणा श्रीजी म.सा. के लौकिक देह की अंत्येष्टि गुरुवार को जैन श्री संघ हैदराबाद-सिकंदराबाद की ओर की गई इमलीबन शमशान वाटिका, हैदराबाद में की गई।

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दिलीप गुप्ता

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