


राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील की महत्वपूर्ण बैठक: शिक्षकों की मांगों पर सक्रिय निर्णय
जयपुर, 14 सितंबर 2025 – राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील की प्रदेश कार्यकारिणी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों एवं जिला मंत्रियों की संयुक्त बैठक का आयोजन खासा कोठी, डाक बंगला, जयपुर में प्रदेश अध्यक्ष बनाराम चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। यह बैठक शिक्षकों के लंबित मुद्दों पर गहन चर्चा का केंद्र रही, जिसमें संगठन ने आंदोलन और संघर्ष की रणनीति तय की।
संगठन के मुख्य महामंत्री किशन लाल सारण ने बताया कि बैठक में शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें बकाया पदोन्नति, स्थानांतरण एवं काउंसलिंग प्रक्रिया, स्टाफिंग पैटर्न लागू करना, बीएड इंटर्नशिप के दौरान वेतन भुगतान , सेवारत शिक्षकों की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के अनिवार्यता न थोपना सहित अन्य शिक्षक समस्याओं को लेकर आंदोलन में संघर्ष करने का एकमत निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जसवंत सिंह नरूका ने बताया कि बैठक में आगामी जिला शैक्षिक सम्मेलनों के संदर्भ में संगठन की 21-सूत्रीय मांगों के निराकरण हेतु जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने तथा सरकार के विधायकों व जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मांगों का ज्ञापन भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया।
बीकानेर के जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ने बताया कि
पिछले 5 वर्षों में नियुक्त शिक्षकों के दस्तावेज जांच का कार्य चल रहा है जिससे सही व्यक्तियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,इस पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रदेशाध्यक्ष बना राम चौधरी ने कहा कि संगठन ने एसओजी (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) के उप महानिदेशक द्वारा निर्दोष शिक्षकों को जांच के नाम पर जिला शिक्षाधिकारी द्वारा जानबूझकर फंसाने का आरोप लगाते हुए उनको ज्ञापन देने का प्रस्ताव पारित किया साथ ही 63वें प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन के आयोजन पर भी मंथन किया गया। आयोजन स्थल के चयन हेतु प्रदेश अध्यक्ष प्रदेशाध्यक्ष चौधरी को पूर्ण अधिकृत किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए कोषाध्यक्ष विष्णु तेली ने कहा कि शिक्षकों के ऊपर आए दिन निलंबन किया जा रहा है जिसको निदेशक से मिलकर उचित कार्यवाही की मांग रखी।एवं व्हाट्सएप के माध्यम से और निलंबित को रोके जाने की बात कही।
प्रदेश महामंत्री चंदन चतुर्वेदी के निलंबन की बहाली के मुद्दे पर चर्चा कर संगठन का प्रतिनिधि मंडल शिक्षा मंत्री से मिलकर निलंबन रद्द करवाने हेतु तत्काल कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ द्वारा आगामी दिनों में कर्मचारी हितों के लिए प्रस्तावित आंदोलन एवं संघर्ष में संगठन की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का फैसला हुआ।
बैठक में राज्य सरकार द्वारा अपने घोषणा-पत्र में किए गए वादों को पूरा न करने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। शिक्षा, शिक्षार्थी एवं शिक्षा के हित में संगठन द्वारा आम शिक्षकों में जन जागृति अभियान चलाकर नई चेतना जागृत करने पर सर्वसम्मति बनी।
बैठक में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष बनाराम चौधरी, मुख्य महामंत्री किशन लाल सारण, संरक्षक पूनम चंद विश्नोई कार्यकारी अध्यक्ष जसवंतसिंह नरूका , कोषाध्यक्ष विष्णु कुमार तेली ,बाड़मेर जिलाध्यक्ष चूतराराम चौधरी, जिलाध्यक्ष टोंक धनराज सिंह राजावत , बीकानेर जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ,महामंत्री विजय आनंद गुप्ता , टोंक जिला मंत्री हंसराज चौधरी, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष देरावर सिंह चौधरी, नागौर शिवजी राम मुवाल, खेताराम जाखड़ संयुक्त महामंत्री, रामधन जाट जिला अध्यक्ष अजमेर, अशोक सहारन जिला अध्यक्ष चूरु, बनवारी लाल वैष्णव, खेताराम माचरा प्रदेश महामंत्री, राजेंद्र गोदारा प्रदेश मंत्री, कुंवर पाल सिंह ,नरेंद्र कुमार जागरवाल, गिरिराज प्रसाद शर्मा, रामचंद्र जाट जिला अध्यक्ष जयपुर ,जय नारायण माल ब्लाक अध्यक्ष शाहपुरा,यतीश वर्मा प्रदेश महामंत्री,सुभाष आचार्य प्रदेश सलाकार मंडल अध्यक्ष,गोपाल पारीक जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीकानेर,असलम मोहम्मद समेजा जिलामंत्री बीकानेर,सत्यनारायण शर्मा अध्यक्ष न्यायाधिकरण सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। संगठन ने इन निर्णयों को लागू करने के लिए तत्काल कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई है।



























