बीकानेर, 24 सितम्बर। गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर व बाल मुनि मीत प्रभ सागर के सान्निध्य में बीकानेर की साध्वी दीपमाला श्रीजी म.सा. के 15 दिन की तपस्या की अनुमोदनार्थ बुधवार को गाजे बाजे से परमात्मा की पालकी के साथ शोभायात्रा निकली । साध्वीजी के सांसारिक कोठारी परिवार के परिजनों ने सुगनजी महाराज के उपासरे में पारणा करवाया।
मुनि, साध्वी, श्रावक-श्राविकाओं के चतुर्विद संघ के साथ उन्होंने नाहटा चौक के प्राचीन आदिश्वरजी, भुजिया बाजार के चिंतामणि जैन मंदिर तथा सुगनजी महाराज के उपासरे में भगवान कुंथुनाथजी व क्षमा कल्याणजी महाराज के दर्शन वंदन किया। शोभायात्रा डागा, सेठिया पारख मोहल्ले के महावीर भवन से रवाना होकर विभिन्न जैन बहुल्य मोहल्लों से होते हुए सुगनजी महाराज के उपासरे में पहुंच कर धर्मसभा में बदल गई। शोभायात्रा के मार्ग पर जगह-जगह श्रावक-श्राविकाओं ने साध्वीजी के दर्शन वंदन किया तथा उनके तपस्या की अनुमोदना की।
धर्मसभा में साध्वी शंखनिधि श्रीजी ने तपस्वी साध्वी दीपमाला की संयम व तप साधना से अवगत करवाया। विचक्षण महिला मंडल, खरतरगच्छ महिला परिषद की बीकानेर इकाई की सदस्याओं, करिशमा गोलछा, पिंकी बैद, विजय व हनुमंत राज गोलेछा ने गीत व विचारों के माध्यम से भाव व्यक्त करते हुए तपस्या की अनुमोदना की।
प्रवचन-धर्म सभा में गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर म.सा. ने कहा कि बीकानेर की कुलदीपिका साध्वी दीपमाला श्रीजी ने विपरीत स्वास्थ्य के बावजूद 15 दिन की तपस्या कर जिन शासन की शोभा में श्रीवृद्धि की है। वर्तमान में रसेन्द्रियों के पोषण की बजाए शोषण में लगे लोगों के लिए उनकी तपस्या प्रेरणा है। संयम मार्ग पर चलते हुए ज्ञान, ध्यान, साधना व सदाचार, देव, गुरु व धर्म के प्रति समर्पण रखते हुए जो तप की आराधना करते है उनके कर्म क्षय होते है, आत्मबल बढ़ता है। अंतर में आत्मा परमात्मा व संयम, ज्ञान, दर्शन, चारित्र तथा तप के प्रति श्रद्धा प्रबल होती है।
अभिनंदन-श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा, श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के पूर्व मंत्री रतन लाल नाहटा, वरिष्ठ श्रावक शांति लाल कोठारी, पुखराज पुगलिया व खरतरगच्छ युवा परिषद की बीकानेर इकाई के अध्यक्ष अनिल सुराणा, उपाध्यक्ष कमल सेठिया, खरतरगच्छ महिला परिषद की बीकानेर इकाई की मंत्री लीला बेगानी व विचक्षण महिला मंडल की वरिष्ठ श्राविकाआें ने अहमदाबाद के जिन कुशल दादाबाड़ी,शंखेश्वर के ट्रस्टी हनुमंत राज गोलेछा, साध्वी शंखनिधि श्रीजी के वीर पिता मुंबई के सतीश भंसाली,माता मंजू भंसाली, सांचोर के वीर पिता पवन बोथरा, उदयपुर के भूपेश डागा, पिंकी डागा, नागपुर की शोभा जैन तथा साध्वी दीपमाला की तपस्या की अनुमोदनार्थ तीन दिन की तपस्या करने वाली बालिका हर्षिता जैन का अभिनंदन किया।
































