
बीकानेर। ज्योतिषाचार्य पं. बाबूलाल शास्त्री ज्योतिष बोध संस्थान के तत्वावधान में गुरुवार 30 अक्टूबर को पांच दिवसीय 21 कुंडात्मक रुद्रचंडी महायज्ञ एवं शिव पंचाक्षरी मंत्र अनुष्ठान का शुभारम्भ हुआ। यज्ञाचार्य पं. राजेन्द्र किराड़ू के आचार्यत्व में हर्षोलाव ताला अमरेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान में प्रथम दिवस राजगुरु आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री विशोकानंद भारती का सान्निध्य रहा। राजगुरु श्री विशोकानंद भारती ने अनुष्ठान में उपस्थित 108 ब्राह्मणों व 25 यजमानों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि कलिकाल में जप-तप व धार्मिक अनुष्ठान करके ही सनातन धर्म की रक्षा की जा सकती है। पीढिय़ों में संस्कार जगे, धर्म के प्रति आस्था बढ़े इसी उद्देश्य को पूरा करना संत-महात्माओं व धर्मानुरागियों का रहता है। आयोजक पं. राजेन्द्र किराड़ू ने बताया कि राजगुरु महामंडलेश्वर स्वामी श्री विशोकानंद भारती के दीक्षा के 50 वर्ष पूर्ण होने पर पुष्पों से अभिषेक किया गया। पं. किराड़ू ने बताया कि सुबह मंडप पूजन के साथ अनुष्ठान का शुभारम्भ हुआ। गणेश पूजन, षोडशमातृका पूजन, घृत माध्विका, योगिनी पूजन, वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, नवग्रह, रुद्रकलश पूजन, चतुर्वेदद्वार पूजन, तोरणद्वार पूजन, षोडश स्तम्भ पूजन, प्रधान रुद्रशक्ति पूजन, रुद्राभिषेक किए गए। कार्यक्रम में गौभक्त देवकिशन चांडक देवश्री का आतिथ्य रहा तथा बजरंग चांडक, शिवरतन राठी मुम्बई, जुगल लढ्ढा, जुगल बिहाणी, सुशील डागा, किशोर जाजू, नवनीत पुगलिया, मनमोहन डागा, सुशील डागा, रमेश चांडक आदि 25 यजमान दम्पतियों ने रुद्रचंडी यज्ञ में रुद्र मंत्रों व दुर्गा सप्तशती मंत्रों द्वारा आहुतियां दी। इसके साथ ही 108 ब्राह्मणों ने शिव पंचाक्षर मंत्रों से पूरे हर्षोल्लाव तालाब अमरेश्वर महादेव मंदिर को गुंजायमान कर दिया। पं. मिलन पुरोहित ने बताया कि अमरेश्वर महादेव का दुग्धाभिषेक ट्रस्टी पं. ओंकारनाथ हर्ष, पं. मनमोहन हर्ष व पं. बंशीलाल हर्ष द्वारा किया गया। सम्पूर्ण कर्मकांड पं. मुरलीधर पुरोहित, सहाआचार्य पं. उमेश किराड़ू, मदनगोपाल व्यास, संतोष कुमार व्यास, विमल किराड़ू, मदन छंगाणी, मिलन पुरोहित द्वारा राजेन्द्र किराड़ू के आचार्यत्व में शुरू किया गया। तीन नवम्बर तक चलने वाले इस अनुष्ठान में नित्य शिवाभिषेक अनुष्ठान वातावरण को सकारात्मक तो बनाएगा ही साथ ही जन कल्याण के उद्देश्य को भी पूरित करेगा। इस दौरान रोजाना अक्षतार्चन, पुष्पार्चन, बिल्वार्चन, कमलार्चन, भस्मार्चन, मंत्र पुरश्चरण, दीपदान, आरती के आयोजन होंगे। पांच दिवसीय इस अनुष्ठान में प्रत्येक दिन संत-सान्निध्य भी मिलेगा जिसमें महामंडलेश्वर राजगुरु श्री विशोकानंदजी महाराज का मिला तथा आगे नवलेश्वर मठ से श्री शिवसत्यनाथजी महाराज, केदारघाट बनारस से श्री सर्वेश्वरानन्दजी सरस्वती, करपात्री संस्कृति विद्यालय बीकानेर से श्रीधरानन्दसरस्वती जी महाराज, शिवबाड़ी शिवमठ से श्री विमर्शानंद गिरि महाराज एवं मुरलीमनोहर धोरा के श्री श्यामसुंदरदास जी महाराज अपना आशीर्वचन देंगे।













