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साधना,प्रशिक्षण ,एवं समन्वय की त्रिवेणी के नाम रहेगा यह वर्ष 2026
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नोखा , 20 जनवरी। साधना,प्रशिक्षण ,एवं समन्वय की त्रिवेणी के नाम रहेगा यह वर्ष 2026. यह विचार अणुव्रत समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ कुसुम लुनिया ने व्यक्त किये।अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में “योगक्षेम अणुव्रत संगठन यात्रा “के दौरान देर रात्रि कार्यशाला का आयोजन महावीर चौक स्थित तेरापंथ भवन में किया गया। तेरापंथ अणुव्रत समिति के अध्यक्ष रमेश कुमार व्यास ने नोखा समिति की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए आगामी वर्ष के कार्यक्रम एवं योगक्षेम से संबंधित सभी गतिविधियों को सफलता पूर्वक करने की योजना प्रस्तुत की।साधना प्रशिक्षण एवं समन्वय के उद्देश्य से देश भर में की जा रही योगक्षेम अणुव्रत संगठन यात्रा के दौरान संयोजक विनोद बछावत, डॉ नीलम जैन ,ताहिर खान, ने वर्ष भर आयोजित होने वाले विभिन्न प्रशिक्षण संवाद ऑनलाइन मीटिंग एवं अन्य गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी । राष्ट्रीय अणुव्रत परिवार संयोजक रचना कोठारी ने अणुव्रत परिवार एवं सुखद परिवार कैसे बनाएं, विषय पर अपने विचार व्यक्त किये ।कार्यक्रम का संचालन गजेंद्र पारख ने किया । बीकानेर समिति के उपाध्यक्ष इंद्रचंद सेठिया, ने अणुव्रत विचारधारा पर अपनी बात कही। कार्यशाला में मनोज घीया,महावीर नाहटा , उपाध्यक्ष हंसराज भूरा, शिक्षाविद ओमप्रकाश रोड़ा, ओम प्रकाश मीणा ,हरिकिशन शर्मा, पुलकित ललवानी, संदीप चोरड़िया ,खुशबू ललवानी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में इंदरचंद वैद ‘ कविराज’मैं आगतुकों का स्वागत करते हुए अणुव्रत संयम गीत की सामूहिक प्रस्तुति दी।

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Gordhan Soni

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