

बीकानेर, 24 जनवरी। जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को टाउन हॉल में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला स्तर पर टॉप रही बालिकाओं तथा उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया गया। साथ ही बेटी जन्मोत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियों के साथ वंदेमातरम् तथा जन गण मन का गायन तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे की वंदना, वंदेमातरम गान और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ अनुराधा सक्सेना ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी और कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा और करियर के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध बालिकाओं को एकजुट करना है। उन्होंने। बताया कि जिले में 10वीं और 12वीं टॉप बालिकाओं आएना शर्मा, अंजली भाटी, खुशबू सुथार, मोनिका पारीक, शताक्षी जोधा तथा राबाउमावि कोलासर, राबाउमावि बारहगुवाड सहित विभिन्न विद्यालयों को सम्मानित किया गया। राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं एवं विद्यालयों को प्रोत्साहन राशि के साथ ही विभागीय डायरी, फोल्डर तथा अन्य प्रचार सामग्री दी गई। सात बच्चियों का बेटी जन्मोत्सव मनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती मांडवी राजवी ने कहा नन्हीं बच्चियों में लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा का वास है । बालिकाओं को पढ़ने दीजिए और अपने क्षितिज की ओर उड़ान भरने दीजिए। आज की बेटी कल का भविष्य है। बेटियां जब पढ़ेंगी, तो वे मानसिक और रूप से भी सशक्त होंगी। एडिशनल एसपी सीमा हिंगानिया ने बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सीख दी। संवाद कार्यक्रम में बच्चियों द्वारा शिक्षा, करियर, सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अतिथियों से प्रश्न पूछे।



























