




मार्कण्डेय नगर की अम्बेडकर बस्ती का हिन्दू सम्मेलन
सच्चे व अच्छे सनातनी हिन्दू बने-बी.के.कमल
बीकानेर, 31 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक के मार्कण्डेय नगर की अम्बेडकर बस्ती का हिन्दू सम्मेलन शनिवार को जस्सूसर गेट के बाहर ’’पाराशर भवन में’’ महात्माओं के प्रवचन, संकीर्तन-भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ।
मुख्य अतिथि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की संभाग प्रभारी बीके.कमल ने कहा कि आधुनिकता के चकाचौध व पाश्चात्य प्रभाव के कारण हो रहे भारतीय सनातन धर्म व संस्कृति के क्षरण को रोकने तथा पुनः राष्ट्र को विश्वगुरु का दर्जा दिलाने के लिए व्यासनों, काम,क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या आदि विकारों को छोड़कर अच्छा नागरिक बनने की जरूरत है। मर्यादा, सत्यता, पवित्रता, संयोग सदगुणों तथा एक दूसरे के सम्मान व आदर और ,सकारात्मकता भाव का श्रृंगार करना है। समाज का परिवर्तन स्व परिवर्तन से ही संभव है। अपने आप को परिवर्तन करने से सकारात्मक सोच, उतम कार्य व्यवहार से, ऊंच-नीच का भेद भूलकर, सच्चे व अच्छे सनातनी हिन्दू बने।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग संघ चालक टेक चंद बरड़िया राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 वर्ष के इतिहास, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष का ध्येय और संदेश को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से पंच परिवर्तन (कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य व स्व का बोध) को हर घर, बस्ती और नगर तक पहुंचाना है। हिन्दू जागरूक बने तथा संगठित होकर सामाजिक समस्याओं का समाधान करें। पानी का सदुपयोग व संचय करें तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक पौधरोपण करें तथा पॉलिथिन को एकत्रित कर उसको रिसाइकलिंग के लिए कबाड़ी को दे । इससे गौ माता की रक्षा होगी तथा प्रदूषण कम होगा। अपने बालक-बालिकाओं से मित्रवत व्यवहार करते उनको सामाजिक बुराइयों से बचाएं । हिन्दू समाज स्वस्थ, संगठित व जागरूक रहेगा तो सभी समस्याओं का हल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ किसी का विरोध नहीं करते हुए सज्जन शक्ति को बढ़ाने तथा हिन्दू समाज के पक्ष में खड़ा है।
विशिष्ट अतिथि कथावाचक पंडित श्री पुरुषोतम व्यास ’’मीमांशक’ ने कहा कि हिन्दू सनातन धर्म एक सभ्यता व संस्कृति है। इस सभ्यता व संस्कृति के संरक्षण के लिए संगठन जरूरी है। सतयुग में ज्ञान शक्ति, त्रेता युग में मंत्र शक्ति तथा द्वापर युग में युद्ध शक्ति तथा कलयुग में संगठन में ही शक्ति है। हमें अपने भाषा, भाव, भोजन को स्वच्छ बनाना तथा संगठित प्रयास से सनातन धर्म के मूल्यों को प्रतिष्ठित करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति के राष्ट्रीय संयोजक राम किशोर तिवाड़ी ने कहा कि सनातन धर्म व संस्कृति के लिए सामाजिक के साथ राजनीतिक चेतना जरूरी है। कार्यक्रम में हिन्दू जागरण मंच के हरि किशन व्यास ने धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सजग रहने की सलाह दी।
वरिष्ठ स्वयं सेवक दाऊजी गहलोत, राजकुमार किराडू व अतिथियों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति देने वाले गीतों व कवियों व बालिकाओं का शॉल, भारत माता के चित्र से सम्मान हिन्दू सम्मेलन के आयोजन समिति के अध्यक्ष पूर्व पार्षद श्याम सुन्दर चांडक, संयोजक नारायण बिहाणी, उपाध्यक्ष गोपाल गहलोत, ताराचंद गहलोत, कोषाध्यक्ष , चन्द्र प्रकाश करनाणी, ब्रह्मानंद गहलोत, दिनेश चौहान, किशन गहलोत, मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज भवन के अध्यक्ष गणेश सोनी, शाखा प्रभारी अनिल पांडे, महिला संयोजक श्रीमती दुर्गा बिहाणी, कार्यक्रम संयोजक श्रीमती उमा पारीक, उमा सोलंकी, संजू गहलोत, प्रेमलताजी चांडक, रेखा पांडे कविता करनाणी, श्रीमती चंदकांता स्वामी ने किया। गोरधन सोनी ने बी.के.कमल को बी.के.शिवानी के कार्यक्रमों का एलबम भेंट किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम-सांस्कृतिक कार्यक्रम में किशन गहलोत, शिव दाधीच, नन्ही बालिका आयुषी प्रजापत ने काव्य पाठ, भावना सुथार ने तलवार का प्रदर्शन किया तथा बालिका अलिशा, भावना, दुर्गाशी, रेणु व जानवीं ने विविध गीतों के साथ ’’अनेकता में एकता’’ के संदेश के गीत के साथ सामूहिक नृत्य किया। पेंटर भूरमल ने पंच परिवर्तन से संबंधित तथा हिन्दू मांगलिक चिन्हों की रंगोली का प्रदर्शन किया। नारायण बिहानी व माधव पारीक ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए । अम्बेडकर बस्ती प्रमुख शिव सोनी ने भामाशाह भारतीय जीवन बीमा के सेवानिवृत अधिकारी अशोक सोनी, राजेन्द्रजी अग्रवाल रूपजी सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।















