




बीकानेर, 18 मई। सीताराम गेट के अंदर सीताराम भवन में चल रहे श्री रामकथा अमृतोत्सव में मंगलवार को प्रथम सत्र में दोपहर साढ़े बारह बजे अभिजीत मुर्हूत में मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव भक्ति भाव सचेतन झांकियों के साथ बनाया जाएगा। कथा दोपहर साढ़े बारह बजे से सवा तीन बजे तक व शाम चार बजे से शाम सात बजे तक भक्ति गीतों, सचेतन झांकियों भगवान राम के जीवन आदर्शों के स्मरण के साथ चलेगी।
कथावाचक पंडित पुरुषोतमजी व्यास ’’मीमांसक’’ ने मंगलवार को सुख, सम्पति व समृद्धि की देवी महालक्ष्मी के प्राकृटयकरण, विवाह तथा मुनि नारद के अहंकार व भक्ति सहित विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने भजनों के मुखड़े ’’राम नाम का हीरा मोती’’ ’’ अच्छा भला कोई काम करले, रोज थोड़ा-थोड़ा हरि का भजन करले’’, सीताराम-सीताराम कहये,जाहै विधि राखे राम, ताही विधि रहिए’’’ ’’आशा एक रामजी की, दूजा नाता छोड़ दे’’, ’’जिन्दगी साथ देती नहीं किसी का’’ , कोई पीओ रे प्यालो राम रस को’’ ’’ आपकी कृपा से मेरा काम हो रहा है’’ आदि भजनों को सुनाते हुए कहा कि भगवान पर भरोसा विश्वास रखे, प्रभु ने जो दिया है उसको पर्याप्त समझे तथा उनका शुक्रिया अदा करें। पाप कर्म व कमाई से बचें तथा पुण्यों का सृजन करें। पापों का विसर्जन व पुण्यों के अर्जन से ही सुख व चैन, परमात्म स्वरूप् की प्राप्ति और जन्म-जन्मान्तर के बंधनों से मुक्ति संभव है।
कथावाचक पंडित ’’मीमांसक’’ ने कहा कि प्रभु भक्ति, राम नाम स्मरण, संकीर्तन व भजन तथा कथा परमात्मा की कथा के श्रवण करने, उसके अनुसार जीवन को बनाने से कलयुग में 84 योनियांें के चक्कर से बचा जा कहा है। जीवन में कोई भी अच्छा कार्य 84 दिन लगातार करने से वह आदत बनकर कल्याण का मार्ग बन जाती है। श्रीराम कथा अमृतोत्सव का आयोजन श्रीमती पुष्पा देवी सोमानी धर्मपत्नी प्रभु भक्त, समाज सेवी स्वर्गीय सीताराम एवं समस्त सोमानी परिवार की ओर से करवाया जा रहा है। सोमानी परिवार की पुष्पा देवी सोमानी, विमला देवी सोमानी, शांति देवी सोमानी, गवरा देवी, सुनीला देवी सोमानी, किशन बाबू-संतोष सोमानी, नारायण मीनाक्षी, देवानंद सरिता, गौरी शंकर अरुणा, राजाराम-अंजू, केशव-़ऋतु , कन्हैया-गीतांजली आदि ने श्री राम कथा के प्रसंगानुसार झांकियों में भागीदारी निभाई तथा व्यास पीठ और रामायण ग्रंथ का पूजन करवाया और अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया।














