


सनातन धर्म साधना पीठ एवं विष्णु पुराण कथा आयोजन समिति के तत्वाधान में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर प्रारंभ हुई विष्णु पुराण कथा आयोजन के द्वितीय दिवस आख्यान करते हुए श्री मरुनायक व्यास पीठाधीश्वर पुराण प्रवक्ता पंडित भाईश्री ने बताया कि विष्णु पुराण श्रवण करने से पुण्य फल होता है और अधिक मास में इसकी महिमा और बढ़ जाती है ।
आज कथा आख्यान में भक्त ध्रुव ने भगवान की महिमा को जानकार मात्र 5 वर्ष की आयु में वन में जाकर तपस्या की और भगवान का आविर्भाव स्वरूप प्राप्त किया।
ध्रुव की तपस्या से भगवान प्रसन्न हुए और उन्हें ध्रुवपद प्रदान किया।
आज कथा में भगवान के मुख्य दशावतार में नरसिंह अवतार एवं वामन अवतार की मुख्य कथाओं का श्रवण कराया कथा सत्र के अंतर्गत राजा वेन, महाराज पृथु का चरित्र, प्राचीनबर्हि का जन्म और प्रचेताओं का भगवरादधान का वर्णन किया। भक्त प्रहलाद ने भगवान को रोम रोम, कण कण और छण-छण में व्याप्त बताया। वामन भगवान के सजीव झांकी में ध्रुवश्री व्यास ने चरित्र निभाकर उपस्थित श्रद्धालुओं का मनमोहन मोहा।
आज की कथा के मुख्य यजमान चांद रतन राठी, मनोज कुमार राठी,रश्मि राठी ने मंडप पूजन किया।
विष्णु पुराण आयोजन समिति के सदस्य पवन कुमार राठी, गिरधर स्वामी, मूल सिंह राठौड़, सुनीलम पुरोहित आदि ने कथा विश्राम पर प्रसाद वितरण व्यवस्था में सहयोग किया।














