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पीबीएम अस्पताल: हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल में जटिल हृदय ब्लॉकेज का सफल उपचार



बीकानेर, पीबीएम अस्पताल के हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल में हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की गई है। हल्दीराम हार्ट अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पिंटू नाहटा एवं उनकी टीम ने अत्यंत जटिल हृदय ब्लॉकेज का सफल उपचार कर मरीज को नई जिंदगी दी।

डॉ. नाहटा ने बताया कि श्री मूलाराम हार्ट अटैक आने पर भर्ती हुआ था। उनके उचित उपचार के बाद एंजियोग्राफी की गई। इस दौरान एलएडी हृदय की मुख्य धमनी में लंबा कैल्शिफाइड ब्लॉकेज पाया गया। ऐसी स्थिति में सामान्य एंजियोप्लास्टी एवं स्टैंटिंग संभव नहीं थी। कैल्शियम की वजह से स्टैंट की डिलीवरी एवं ब्लॉकेज खुलने की स्थिति में नहीं था।

इस प्रकार के ब्लॉकेज में विभाग में रोटाब्लेटर मशीन के माध्यम से धमनी के भीतर जमा कैल्शियम को खुरच कर ग्राइंडिंग द्वारा कैल्शियम के लोड को कम करके स्टैंट द्वारा धमनियों को खोला जाता है चुंकि इस मरीज में हार्ट की पंपिंग मात्र 30 प्रतिशत थी और इस स्थिति में रोटाब्लेटर के उपयोग से कॉम्प्लिकेशन होने कि संभावना अधिक थी.
ऐसी स्थिति में  अति आधुनिक आइवीएल (इंट्रा वस्कूलर लीथोट्रिपसी) बेलून टेक्नोलॉजी का पहली बार उपयोग हुआ.

कैथ लैब प्रॉसीजर(तकनीक)

डॉ.  नाहटा ने बताया कि सर्वप्रथम ओसीटी इमेजिंग मशीन के माध्यम से हृदय की धमनी के अंदर की स्थिति को देखा गया। धमनी में पूर्ण रूप से कैल्शियम जमा था और जगह-जगह कैल्शियम द्वारा नोड्यूल बने हुए थे। इस जटिल एवं अत्यधिक कैल्शियम वाले ब्लॉकेज पर आईवीएल बैलून ले जाया गया और ब्लॉकेज एरिया पर आईवीएल बैलून को फुलाने से बैलून द्वारा सोनिक वेव के विकिरण से धमनी में जमा कैल्शियम के टुकड़े किए गए। तत्पश्चात स्टैंट को ब्लॉकेज एरिया में ले जाकर उसे फुलाकर ब्लॉकेज हटाया गया, जिसके बाद रक्त धमनियों में रक्त का प्रवाह सामान्य रूप से शुरू हो गया।

इस अति आधुनिक प्रोसीजर में कार्डियोलॉजी टीम में  डॉ. पिंटू नाहटा, डॉ. दिनेश चौधरी, डॉ. सुनील बुडानिया, डॉ. रामगोपाल कुमावत, डॉ. राजवीर बेनीवाल, डॉ. नजमा, कैथ लैब इंचार्ज राकेश सोलंकी, चंद्र कुमार आहूजा, पंकज तंवर, कैथ लैब नर्सिंग इंचार्ज ताहिरा बानो एवं सीताराम उपस्थित थे।

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Gordhan Soni

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