बीकानेर।भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, प्रदेश संगठन पदाधिकारियों और कई वीवीआईपी का दो दिवसीय जमावड़ा बीकानेर में रहा। शहर में लगातार अनेकों कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ और शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला।
लेकिन इन्हीं कार्यक्रमों के बीच संगठन के भीतर एक सवाल मुखर होकर सामने आ रहा है — पार्टी की नींव माने जाने वाले मंडल अध्यक्ष अधिकांश आयोजनों से नदारद क्यों रहे?
स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के अनुसार, मंडल स्तर पर संगठन को मजबूत करने वाले यही पदाधिकारी जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को संचालित करते हैं। ऐसे में बड़े कार्यक्रमों में उनकी अनुपस्थिति ने कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि सूचना और समन्वय की कमी के कारण मंडल अध्यक्षों तक कार्यक्रम की जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाई। वहीं, कुछ का मानना है कि संगठन के भीतर गुटबाजी और उपेक्षा के कारण भी यह दूरी बढ़ी है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जब संगठन की नींव ही मंच पर नजर न आए तो जमीनी पकड़ कमजोर होने का अंदेशा रहता है। ऐसे में प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना होगा।
बीजेपी नेतृत्व की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन पार्टी के भीतर यह मुद्दा आने वाले दिनों में चर्चा का केंद्र बन सकता है।














