





बीकानेर, 02 जून। गौ सम्मान आह्वान अभियान को प्रचंड वेग देने के लिए केसरदेसर जाटान गांव की गौशाला में श्री गौ नंदी कृपा कथा में मंगलवार को तीसरे गौ गौ माता के जयकारों के साथ बड़ी संख्या में नर नारियों ने संगीतमय कथा का श्रवण किया। गौ रक्षा के लिए सुरभि यज्ञ में आहूतियां दी। यज्ञ प्रतिदिन सुबह छह बजे से नौ बजे तक तथा श्री गौ नंदी कृपा कथा दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक नियमित 6 जून तक चलेगी।
गो भक्त श्रीमती मणका देवी गोपी किशन चांडक, जुगल-मधु चांडक, सुनील-संतोष चांडक,,माहेश्वरी व गांव के सर्व समाज के सहयोग से आयोजित यज्ञ व श्री गौ नंदी कृपा कथा में अनेक नर-नारी, बालक-बालिकाएं हाथों मेंं मेहंदी से ’’गौ माता राष्ट्रमाता’’ का अंकन कर पहुंची। उन्होंने अपने घरों के आगे भी ’’ गौ माता राष्ट्रमाता’’ लिखवा दिया।
गो, पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पद यात्रा के प्रणेता तथा श्री गोपाल परिवार संघ के संस्थापक ग्वाल संत गोपाल नंदजी सरस्वती ’’गुरुजी’’ ने कहा अग्नि पुराणा, गरुड पुराण,शिव पुराण, ब्रह्मपुराण के मंत्रों व रामचरित मानस की चौपाइयों तथा श्रीमद भगवत गीता के श्लोकों का, देवी करणी माता के गौ सेवा के प्रसंगों का स्मरण दिलाते हुए कहा कि गौ माता के समान ब्रह्माण्ड में कोई नहीं है। गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास रहता है। गौ माता की सेवा व पूजा करने से धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की प्राप्ति होती है, रोग-शोक, पाप व ताप दूर होते है तथा देव कृपा की प्राप्ति होती है। घर परिवार में सुख-समृद्धि तथा शांति रहती है। गाय की पूजा करने से सभी देवी-देवताओं की पूजा अर्चना का लाभ मिलता है। ग्वाल संत ने गौ माता की सेवा से पुत्र प्राप्ति के अनेक उदाहरण दिए तथा कहा कि गाय का दूध, दही,घी,मूत्र व गोबर सभी पंच गव्य अमृत के समान है।
कथा के समापन पर गौ सेवक प्रकाश तोषनीवाल, मनोहर लाल पंडया, राधा प्रकाश, ओम प्रकाश चांडक, नोखा के शिव नारायण तोषनीवाल डॉ.गोपाल गांव के वर्तमान व पूर्व सरपंच, जिला परिषद सदस्य का सम्मान श्रीमती मणका देवी गोपी किशन चांडक, जुगल-मधु चांडक, प्रयाग चंद चांडक आदि ने किया।

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