




जिले के 1 लाख 82 हजार किसानों को 36 करोड़ 33 लाख की राशि की गई हस्तारित
मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल रहे मौजूद
पीएम किसान निधि योजना में जिले के अन्य किसानों को भी जोड़ने हेतु कहा
बीकानेर, 20 जून। भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH) बीछवाल में शनिवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों के खातों में सम्मान निधि की राशि हस्तांतरित करने के राष्ट्रीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया।
इस अवसर पर केन्द्रीय विधि एवं न्याय (स्वतंत्र प्रभार) व संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री निशांत जैन, श्री श्याम पंचारिया, श्रीमती सुमन छाजेड़, श्री चंपालाल गेदर, एसडीएम बीकानेर (आईएएस) सुश्री महिमा कसाना, संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे, प्रधान वैज्ञानिक डॉ डी.के.समादिया, डॉ शिव राम मीणा, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ मुकेश बेरवाल, एमडी सीसीबी श्री मोहम्मद फारूक, कृषि विभाग के सहायक निदेशक श्री मुकेश गहलोत, श्री संतोषानंद महाराज सहित अनेक गणमान्य नागरिक, कृषि वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान व अन्य किसान मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री श्री मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के रूप में जिले के 1 लाख 82 हजार किसानों को 36 करोड़ 33 लाख की राशि हस्तारित की गई। साथ ही कहा कि जिले में पीएम किसान निधि योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही कहा कि संस्थान शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बागवानी फसलों के विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया तथा बाजरा, सांगरी, केर और टिंडा जैसी फसलों के उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन की संभावनाओं पर भी कार्य करने हेतु कहा।
श्री श्याम पंचारिया और श्रीमती सुमन छाजेड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आज रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग को कम कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की जरूरत है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. धुरेंद्र सिंह द्वारा अतिथियों एवं किसानों के स्वागत के साथ किया गया।
संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे ने संस्थान की उपलब्धियों, विकसित तकनीकों तथा पिछले तीन दशकों में शुष्क बागवानी के क्षेत्र में किए गए शोध कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों से किसानों को बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि में सहायता मिल रही है।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान द्वारा विकसित उन्नत कृषि तकनीकों एवं नवाचारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अवलोकन केंद्रीय मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने किया। साथ ही संस्थान के नवस्थापित कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र का निरीक्षण भी किया गया। मंत्री श्री मेघवाल ने “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत प्रकृति खेती को बढ़ावा देने तथा प्लास्टिक एवं रासायनिक कचरे के उचित प्रबंधन की आवश्यकता पर भी बल दिया।अंत में डॉ.धुरेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के विभिन्न कृषि एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।














