बीकानेर – ब्राह्मण स्वर्णकार सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में सींथल पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 परम महंत क्षमाराम जी महाराज ने कथा के शुभारंभ में कहा कि कथा तो सात दिन की होगी लेकिन आज केवल श्रीमद्भागवत कथा का माहात्म्य जानना आवश्यक है। उन्होंने ने कहा की भगवान का संकल्प ही होता है तो वहीं संकल्प सिद्ध होता है।
उन्होंने भागवत कथा की महिमा सत्य सनातन हिन्दू धर्म मे जानना जरूरी है महिमा सुनने से मन में भगवत संकल्प उत्पन्न होता है
।आपके मन में भगवत संकल्प पैदा कर भागवत आज्ञा का पालन करने से बड़े अनुभव की अनुभूति होती है।
महंत जी ने कहा कि किसी वस्तु के आने से भी सुख की प्राप्ति होती है और जाने से भी ।सच्चिदानंद रूपायन विश्व की स्थिति उत्पत्ति आत्मा की सोच पर निर्भर है संसार किसी को अच्छा लगता है बुरे विचार वालों को बुरा लगता है। भगवान के लिए रोता है उसका मुख मण्डल हमेशा चमकता है और जो संसार के लिए रोता है उसमें निराशा झलकती है।
श्री ब्राह्मण स्वर्णकार सत्संग समिति द्वारा पुरानी जेल के पास स्वर्णकार खरनाडा़ मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं रामचरितमानस नवाहन पाठ के प्रथम दिन कथा के वाचन की शुरुआत में कहा।
कृष्ण मंदिर मुड़िया मालियों से कलश यात्रा बैण्ड बजा के साथ रवाना होकर कथा स्थल तक पहुंची।कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्पों से स्वागत किया गया। आयोज
बुलाकी दास, देवकिशन, प्रकाशचंद्र,श्याम सुंदर जी लक्ष्मी नारायण जी ,शिव कुमार जी ,चन्द्र प्रकाश, कैलाश चंद्र, राजेश कुमार, क्षत्रचन्द, आदि ने श्रीमद्भागवत कलश शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया।कथा का समय सवेरे ग्यारह बजे नियमित रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए चाय ठंडा पानी, लस्सी की व्यवस्था की गई है।

















