श्री जैन पी.जी. महाविद्यालय में वृक्षारोपण, गुरु सम्मान एवं पूर्व छात्र मिलन समारोह आयोजित
*बीकानेर, 18 जुलाई।*
श्री जैन पी.जी. महाविद्यालय, बीकानेर के 72वें स्थापना वर्ष तथा जैन कॉलेज बैचमेट्स 1992-95 के 31 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को महाविद्यालय परिसर में “आओ फिर से कॉलेज चलें” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं पूर्व छात्र मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर में नीम के पौधों का वृक्षारोपण किया गया। वृक्षारोपण अभियान में पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। लगाए गए सभी पौधों को पूर्व विद्यार्थियों एवं सहयोगकर्ताओं द्वारा गोद लिया गया तथा उनके संरक्षण, संवर्धन एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया। इस पहल के माध्यम से महाविद्यालय परिसर को और अधिक हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में श्री जैन पी.जी. महाविद्यालय 1992-95 बैचमेट्स के समन्वयक सीए श्री विनोद कुमार पारख, श्री जैन पाठशाला सभा के सचिव श्री मानक चन्द कोचर, बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के सचिव एवं महाविद्यालय के पूर्व छात्र श्री संजय जैन (सांड), अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, बीकानेर के अध्यक्ष श्री विनोद बाफना, अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री विजय बाफना तथा श्री जैन पी.जी. महाविद्यालय की कार्यकारिणी के सदस्य श्री किशोर कुमार बांठिया सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, जैन कॉलेज बैचमेट्स 1992-95 के सदस्य एवं विभिन्न वर्षों के अनेक पूर्व छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. सुमेर चन्द जैन का जैन कॉलेज बैचमेट्स 1992-95 के सदस्यों द्वारा माल्यार्पण, शॉल ओढ़ाकर एवं सम्मान पत्र प्रदान कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के श्री विनोद बाफना एवं श्री विजय बाफना द्वारा भी प्रो. जैन को पगड़ी एवं शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मान पत्र का वाचन श्री संजय जैन द्वारा किया गया।
इसके पश्चात जैन कॉलेज बैचमेट्स 1992-95 द्वारा श्री जैन पाठशाला सभा, बीकानेर तथा श्री जैन पी.जी. महाविद्यालय का सम्मान पत्र प्रदान कर सामूहिक अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब प्रो. सुमेर चन्द जैन ने अपने पुराने अंदाज में उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों की एक-एक नाम पुकारकर सांकेतिक “हाजिरी” ली। वर्षों बाद अपने गुरु के मुख से अपना नाम सुनकर सभी पूर्व छात्र भावुक हो उठे और कॉलेज जीवन की अनगिनत स्मृतियाँ ताज़ा हो गईं। इसके उपरांत उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने शिक्षा, संस्कार, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा जीवन मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर श्री मानक चन्द कोचर एवं श्री किशोर कुमार बांठिया द्वारा सभी पूर्व विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थियों, वर्तमान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मध्य संगीतमय अंताक्षरी का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह, उमंग और संगीत से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से निर्मित सेल्फी एवं फोटो स्टेशन आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक स्मृति चित्र खिंचवाए।
वर्षों बाद मिले सहपाठियों ने पुरानी यादों को साझा किया और अपने छात्र जीवन के अविस्मरणीय पलों को पुनः जीवंत किया।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन श्रीमती राधिका नाहटा द्वारा किया गया। उनके गरिमामय एवं सुव्यवस्थित संचालन ने पूरे समारोह को आकर्षक एवं यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाओं एवं समन्वय में सीए श्री विनोद कुमार पारख, श्री मुकेश पुरोहित, श्री विजय बोथरा, श्री राजेश बोथरा, डॉ. राजेन्द्र चौधरी एवं श्री कुणाल कोचर का विशेष सहयोग रहा। इनके संयुक्त प्रयासों एवं सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हो सका।
अंत में सभी उपस्थित जनों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, गुरु सम्मान तथा अपने शिक्षण संस्थान से जुड़े रहने की भावना को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। आयोजन के सफल संचालन हेतु जैन कॉलेज बैचमेट्स 1992-95 के सभी सदस्यों, सहयोगकर्ताओं एवं महाविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
“आओ फिर से कॉलेज चलें” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान, मित्रता के पुनर्मिलन, पर्यावरण संरक्षण के संकल्प और अपने शिक्षण संस्थान के प्रति कृतज्ञता का जीवंत उत्सव बन गया।
उल्लेखनीय है कि यह संपूर्ण आयोजन “₹1/- प्रतिदिन सेवा योजना परिवार” एवं “नक्षत्र पब्लिक ट्रस्ट” द्वारा संचालित निरंतर सेवा अभियानों की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस सेवा अभियान के माध्यम से समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा, जनसेवा, पक्षी एवं जीव संरक्षण सहित विभिन्न सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य किए जाते रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी समाज, पर्यावरण एवं मानवीय मूल्यों के संरक्षण हेतु ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।



















